Coal Crisis: दिल्ली में हो सकता है ब्लैक आउट, मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा- बिजली घरों में बचा है बस एक दिन के कोयले का स्टाक - News Summed Up

Coal Crisis: दिल्ली में हो सकता है ब्लैक आउट, मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा- बिजली घरों में बचा है बस एक दिन के कोयले का स्टाक


Coal Crisis: दिल्ली में हो सकता है ब्लैक आउट, मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा- बिजली घरों में बचा है बस एक दिन के कोयले का स्टाकCoal Crisis दिल्ली में कोयले की किल्लत को लेकर गंभीर परेशानी हो रही है। इस समस्या पर बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि कोयले से चलने वाले बिजली घर अभी पूरी क्षमता के साथ नहीं चल रहे हैं फिर भी दिक्कत हो रही है।नई दिल्ली, एएनआइ। Coal Crisis in Delhi: दिल्ली में कोयले की किल्लत को लेकर गंभीर परेशानी हो रही है। इस समस्या पर बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि कोयले से चलने वाले बिजली घर अभी पूरी क्षमता के साथ नहीं चल रहे हैं फिर भी दिक्कत हो रही है। मैं केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि वह इस मामले को देखे। उन्होंने कहा कि हमने बिजली की खरीद को लेकर समझौता किया है लेकिन हमें आधी बिजली ही मिल रही है। हमें जैसा कि पता है कि बिजली घरों को 30 दिनों का स्टाक रखना होता है लेकिन वर्तमान हालत यह है कि वहां एक दिन का ही स्टाक बचा हुआ है। लगभग सभी पावर प्लांट 55 फीसद की क्षमता से ही चल रहे हैं।In the view of current coal crisis, held a high-level meeting with officials of the power department & power distribution companies. Appealing the Central Govt to ensure enough stock of coal & run the power plants on 100% capacity. pic.twitter.com/f0Fpc6FuG1 — Satyendar Jain (@SatyendarJain) October 9, 2021बता दें कि इससे पहले सीएम केजरीवाल ने भी दिल्ली में पावर क्राइसिस को लेकर चिंता जताई थी जिसको लेकर उन्हाेंने पीएम मोदी को एक पत्र भी लिखा था। केजरीवाल ने यह भी कहा कि बिजली की किल्लत को लेकर उपजे हालात को मैं खुद मानीटर कर रहा हूं। हम इस स्थिति का पूरी तरह डट कर सामना कर रहे हैं। जल्द ही समस्या का समाधान होने की संभावना है। बता दें कि दिल्ली से पहले तमिलनाडु और ओडिशा सहित कई राज्यों ने कोयला संकट पर चिंता जाहिर की थी।क्यों हो रही है कोयले की दिक्कतDelhi could face a power crisis. In the meanwhile, I wrote a letter to Hon’ble PM seeking his personal intervention. pic.twitter.com/v6Xm5aCUbm — Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) October 9, 2021बिजली घरों को बिजली के उत्पादन के लिए कोयले की आवश्यकता होती है। इन्हें कोयले की आपूर्ति में इस बार असमय मानसून के कारण परेशानी हो रही है। मानसून के असमय होने के कारण इनके उत्पाद की क्षमता प्रभावित हो गई थी जिसके कारण बिजली घरों को समय पर उनकी मांग के अनुरूप कोयला नहीं मिल सका। जिसका असर पावर प्लांट अपनी पूरी क्षमता के अनुसार नहीं चले सके और बिजली कि किल्लत होने लगी।


Source: Dainik Jagran October 09, 2021 12:00 UTC



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