उन्होंने NDTV को बताया कि 'सबूतों के अभाव में, यह जांच टीम, सुपरवाइज़री ऑफिसर और संबधित योग्य अथॉरिटी का यह एकमत था कि केस को बंद कर दिया जाए.' सूत्रों ने बताया कि 'डायरी में राकेश अस्थाना के नाम पर लिखे गए 12 डिजिट के नंबरों की जांच की गई, ऐसा कोई भी बैंक अकाउंट कहीं भी नहीं मिला. तीन साल के जांच में हर डिटेल की जांच की गई. लेकिन सबूतों के अभाव में जांच टीम इस विचार पर पहुंची कि केस को बंद कर देना चाहिए.' हालांकि, अगले साल विजिलेंस कमीशन ने इसी केस का हवाला देते हुए अस्थाना को सीबीआई से हटाने का ऑर्डर दे दिया था.
Source: NDTV February 09, 2021 07:25 UTC