अप्रैल में ईरान से भारत तेल निर्यात करने में पिछले साल की तुलना में 57 फीसदी की कमी आई है। रॉयटर्स ने टैंकर अराइवल डेटा के हवाले से यह जानकारी दी है। पिछले महीने अमेरिका द्वारा OPEC सदस्य से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगाने से पहले भारत को ईरान से ऑइल खरीदने की अनुमति थी।चीन के बाद भारत ईरान का सबसे बड़ा ऑइल खरीदने वाला देश है। अप्रैल में भारत ने तेहरान से करीब 277,600 बैरल प्रति दिन (bpd) तेल मंगाया जो पिछले महीने की तुलना में 31.5 प्रतिशत कम है। यह जानकारी टैंकर शिपिंग और इंडस्ट्री सोर्सेज से टैंकर अराइवल डेटा के हवाले से मिले हैं।नवंबर में अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था लेकिन भारत समेत 8 देशों को ईरानी तेल खरीदने के लिए इन प्रतिबंधों में छूट दी गई थी।भारत को नवंबर-अप्रैल के दौरान औसतन 300,000 बैरल प्रति दिन तेल खरीदने की अनुमति थी। लेकिन जहाजों की कमी के चलते हर महीने लिए जाने वाले तेल की मात्रा अलग-अलग रही। अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव के चलते विदेशी शिपिंग लाइन्स ईरानी डील से पीछे हट गए थे।अप्रैल में ही अमेरिका ने ईरानी तेल खरीदारों (अधिकतर एशिया में) से खरीदारी रोकने या फिर प्रतिबंध झेलने को कहा था।इस महीने 4 मिलियन बैरल ईरानी तेल वाले दो बहुत बड़े क्रूड कैरियर्स भारत आने हैं- इनमें से एक पूर्व में पैरादीप पर जबकि एक पश्चिम में कोच्चि पर है। इन दोनों पोतों को अप्रैल में लोड किया गया था।नवंबर से अब तक भारत को प्रतिबंधों से छूट मिली हुई थी। अभी तक सिर्फ सरकारी कंपनी इंडियन ऑइल कॉर्प, भारत पेट्रोलियम कॉर्प, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और मैंगलोर रिफाइनरी ऐंड पेट्रोकेमिकल्स ही ईरान से तेल खरीदते रहे हैं।आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी 2019 से अप्रैल 2019 तक ईरान से भारत निर्यात होने वाले तेल में कुल 45 प्रतिशत की कमी आई। इस साल 3,04,500 bpd तेल आया जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 5,52,000 bpd रहा था। सूत्रों ने मीडिया से बातचीत के लिए ऑथराइज न होने के चलते अपनी पहचान जाहिर करने से मना कर दिया।
Source: Navbharat Times May 07, 2019 13:30 UTC