हाइलाइट्स वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम और कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन 1.5 लाख करोड़ रुपये कम रह सकता हैइनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन टारगेट से 50,000 करोड़ रुपये कम रह सकता हैसितंबर 2019 में इकॉनमी को रफ्तार देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला ने कॉर्पोरेट टैक्स रेट में बड़ी कटौती का ऐलान किया थाइसके बाद से पर्सनल इनकम टैक्स में कटौती की उम्मीद कर रहे हैं टैक्सपेयर्स1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में अगर आपको सबसे ज्यादा इंतजार पर्सनल इनकम टैक्स में कटौती का है तो आपके हाथ निराशा लग सकती है। मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार का टैक्स कलेक्शन काफी कम रहने का अनुमान है। टैक्स कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपये कम रहने का अनुमान है। ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के टैक्स के मोर्चे पर कोई खुशखबरी देने की गुंजाइश कम दिख रही है।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम और कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन 1.5 लाख करोड़ रुपये कम रह सकता है। वहीं, इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन टारगेट से 50,000 करोड़ रुपये कम रह सकता है। यानी कुल मिलाकर 2 लाख करोड़ रुपये की कमी।अब जब सरकार पहले ही टैक्स कलेक्शन के मोर्चे पर इतना बड़ा नुकसान झेलती रही है तो जाहिर है बजट में टैक्स कटौती का ऐलान की गुंजाइश कम बनती है। बता दें कि सितंबर 2019 में इकॉनमी को रफ्तार देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला ने कॉर्पोरेट टैक्स रेट में बड़ी कटौती का ऐलान किया था। ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि आगे पर्सनल इनकम टैक्स में भी कटौती का ऐलान किया जा सकता है। बहरहाल, उम्मीद से कम टैक्स कलेक्शन का अनुमान और विनिवेश टारगेट पूरा न होने के कारण इसकी गुंजाइश खत्म सी दिख रही है।28 वर्षों में पहली बार कॉर्पोरेट टैक्स में इतनी बड़ी कटौती की गई थी और इस 10 पर्सेंट की कटौती से सरकारी खजाने पर 1.45 लाख करोड़ रुपये का बोझ बढ़ा था।
Source: Navbharat Times January 26, 2020 07:56 UTC