परेशान घर खरीदारों को लाभ मिलना चाहिए जिन्होंने अपनी जीवनभर की पूंजी को इसमें लगा दिया- न्यायालयनई दिल्ली। आम्रपाली ग्रुप को लेकर सुप्रीम कोर्ट 30 अप्रैल यानी आज और 1 मई को सुनवाई करेगी। इस मामले में अदालत देखेगी कि क्या घर खरीदारों को संपत्ति का मालिकाना हक दिया जा सकता है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी पिछली सुनवाई में यह भी कहा था कि वह यह भी देखेगी कि आम्रपाली ग्रुप ने घर खरीदारों के पैसे को किसी दूसरे उद्यमों में भी लगाया था कि नहीं। सुबह साढ़े दस से शाम साढ़े चार बजे तक इस मामले में सुनवाई की जाएगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस सुनवाई के बाद घर खरीदारों प्राधिकरण बैंकों को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे पहले 9 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई की गई थी। सुनवाई के दौरान रीयल एस्टेट कंपनी आम्रपाली समूह की फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्टों को अदालत को सौंपने से पहले वकीलों में वितरित किए जाने पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। इस दौरान न्यायालय ने यह भी कहा था कि न्यायालय ने यह भी कहा कि वह यह भी देखेगी कि आम्रपाली समूह द्वारा घर खरीदारों के धन को जिन दूसरे उद्यमों में लगाया गया है, क्या वहां से उसे वापस लाकर रुकी हुई आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने में उपयोग किया जा सकता है? परेशान घर खरीदारों को लाभ मिलना चाहिए जिन्होंने अपनी जीवनभर की पूंजी को इसमें लगा दिया- न्यायालयन्यायालय ने कहा कि आम्रपाली के मामले में उन परेशान घर खरीदारों को लाभ मिलना चाहिए जिन्होंने अपनी जीवनभर की पूंजी को इसमें लगा दिया और उन्हें घर नहीं मिला। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और यू. आम्रपाली की अधूरी परियोजना का निर्माण कैसे किया जाए? साथ ही निवेशकों का भविष्य कैसे सुरक्षित किया जाए? इन मुद्दों का प्राधिकरण जवाब बनाने में जुटा है। यह जवाब लेकर प्राधिकरण को सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में 30 अप्रैल, 1 मई, दो मई को उपस्थित होना है। सुबह साढ़े दस से शाम साढ़े चार बजे तक इस मामले में सुनवाई की जाएगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस सुनवाई के बाद घर खरीदारों, प्राधिकरण, बैंकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
Source: Dainik Bhaskar April 30, 2019 05:26 UTC