Dainik Bhaskar May 14, 2019, 10:16 PM ISTफतेहाबाद के भोड़िया खेड़ा स्थित महिला कॉलेज में रखी गई हैं ईवीएम, बिना परमिशन घुसा ट्रककांग्रेसियों का आरोप रास्ते में एक कार से टक्कर के बावजूद भगा लिया गया ट्रक को मौके सेपता चलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर और अन्य कांग्रेसी हुए इकट्ठा, डीसी व अन्य अफसरों को बुलायाफतेहाबाद (हरियाणा). फतेहाबाद में मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन बदलने के लिए कोशिश का मामला सामने आया है। देर शाम यहां भोड़िया खेड़ा कॉलेज में बने स्ट्रॉन्ग रूम में एक संदिग्ध ट्रक घुस आया, जिसमें ईवीएम लोड थीं। पता चलते ही कांग्रेस कार्यकर्ता यहां जमा हो गए। आनन-फानन में प्रशासनिक अफसर भी सूचना पाकर पहुंचे। छानबीन के दौरान इन ट्रक वालों के पास कोई परमिशन संबंधित दस्तावेज नहीं मिले, इसके बाद प्रशासन ने विरोध के बीच ट्रक को वापस लौटा दिया।लोकसभा चुनाव के लिए रविवार को छठे चरण में हरियाणा की भी 10 लोकसभा सीटों पर मतदान हुआ है। इसके बाद यहां फतेहाबाद जिला मुख्यालय के रूप में भोड़िया खेड़ा महिला कॉलेज में कड़ी सुरक्षा में ईवीएम रखी गई हैं। मंगलवार शाम को यहां उस वक्त हंगामे का माहौल खड़ा हो गया, जब यहां ईवीएम से लदा एक संदिग्ध ट्रक आन घुसा। पता चलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा में तैनात अधिकारियों से इसके बारे में जानकारी लेने की कोशिश की। गड़बड़ी की आशंका के चलते कांग्रेस के सिरसा लोकसभा उम्मीदवार और हरियाणा कांग्रेस प्रदेश कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक तंवर तुरंत मौके पर पहुंचे। उनके विरोध जताने के दौरान फतेहाबाद के डीसी धीरेंद्र खड़गता, एसपी विजय प्रताप सिंह, डीएसपी सुभाष चंद्र सहित चुनाव आयोग के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। आखिर इस संदिग्ध ट्रक को बैरंग लौटा दिया गया। बावजूद इसके कांग्रेसी यहां टेंट गाड़कर मुस्तैद हो गए हैं।इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस की तरफ जिला प्रशासन सहित फतेहाबाद के डीसी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सुजीत सिंह और अन्य कांग्रेसियों ने कहा कि प्रशासन ने मिलीभगत करके संदिग्ध ट्रक को ईवीएम बदलने के लिए मौके पर बुलाया था। जिला फतेहाबाद के डीसी की भूमिका इतनी संदिग्ध है कि डीसी अधिकारी न होकर भाजपा के जिला प्रधान मालूम पड़ते हैं। वहीं ईवीएम की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों को भी कांग्रेस नेता ने भाजपा के एजेंट करार दिया।उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी धीरेन्द्र खड़गटा ने बताया कि मंगलवार शाम 4:30 बजे मतगणना केंद्र पर खाली संदूकों से भरा ट्रक पहुंचा था। वाहन को तहसीलदार द्वारा सहायक निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर टोहाना से लाया गया था। इन संदूकों में मतगणना के उपरांत ईवीएम मशीनों को रखा जाना है। मौके पर उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को स्थिति से अवगत कराया गया, जिस पर वे पूरी तरह से संतुष्ट है। किसी प्रकार की कोई गलतफहमी न हो, इसलिए खाली संदूकों को वापस भिजवा दिया गया है।
Source: Dainik Bhaskar May 14, 2019 15:22 UTC