पीड़ित पिता ने ग्रामीणों के साथ एसपी नरेंद्र बिजारनिया को ज्ञापन देकर जान-माल की सुरक्षा की मांग कीएसपी ने आश्वासन दिया कि आरोपी की जांच कराकर उसकी सही उम्र का पता लगा लिया जाएगाDainik Bhaskar Jul 02, 2019, 11:52 AM ISTपलवल. पलवल में पांच साल की बच्ची के साथ दसवीं कक्षा के छात्र द्वारा दुष्कर्म किए जाने और फिर उसके माता-पिता द्वारा पीड़ित परिवार पर राजीनामे के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। राजीनामा नहीं करने पर जान से मरवाने तक की धमकी दे डाली। इधर पीड़ित बच्ची के पिता ने इस मामले को लेकर ग्रामीणों के साथ सोमवार को लघु सचिवालय में एसपी नरेंद्र बिजारनिया से मिलकर कहा कि आरोपी लड़का बालिग है। उसकी मेडिकल जांच हो। एसपी ने आश्वासन दिया कि आरोपी की जांच कराकर उसकी सही उम्र का पता लगा लिया जाएगा।पीड़ित पिता ने महिला थाना पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा कि उसकी पांच वर्ष की बच्ची शनिवार को देर शाम अपने घर से कुछ दूरी पर पानी के प्लांट पर खेल रही थी। यहां गांव के ही एक लड़के ने उसके साथ गलत काम किया। महिला थाना पुलिस ने दुष्कर्म की पुष्टि होने पर दुष्कर्म का केस दर्ज कर आरोपी को गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पढ़ाई के कागजात के आधार पर उसे नाबालिग माना है। इधर परिजनों ने एसपी को शिकायत दी कि आरोपी की मार्कशीट में गलत जन्मतिथि लिखवाई गई है। उसकी सही उम्र का पता उसके बाल व दाढ़ की जांच से लगाया जाए।पीड़ित बच्ची के पिता ने एसपी नरेंद्र बिजारनिया को दूसरी शिकायत देकर कहा कि पुलिस जब आरोपी को पकड़कर अपने साथ ले आई तो आरोपी माता-पिता उसके घर पहुंचे और गाली-गलौच करने लगे। जिसपर वह अपने घर में चुपचाप बैठे रहे, लेकिन वे नहीं माने और धमकी दी कि यदि उन्होंने राजीनामा नहीं किया तो उनके संपर्क बदमाशों से हैं तुम्हें गोली मरवा देंगे पता भी नहीं चलेगा। पीड़िता के पिता का आरोप है कि आरोपी दबंग हैं और मुकदमा दर्ज होने से अब तक उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां देकर डरा रहे हैं। उनकी जान-माल की रक्षा की जाए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिसपर एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने कहा कि शिकायत पर जांच कराकर आरोपियों पर उचित कार्रवाई होगी।पलवल बच्चियों के साथ घिनौना अपराध करने वालों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह बालिग या नाबालिग, अपराध करने वाला अपराधी होता है। महिलाओं पर अपराध के मामले जिले में दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस प्रशासन व सरकार को सख्त कदम उठाते हुए आरोपियों को सख्त सजा दिलानी चाहिए, ताकि ऐसा अपराध करने से पहले आरोपी हजार बार सोचने को मजबूर हो। अल्पना मित्तल, सदस्य, बाल कल्याण समिति, पलवल
Source: Dainik Bhaskar July 02, 2019 06:22 UTC