4 /4 उत्तराखंड ने पूर्व में झेली है इतनी तबाहीरविवार को उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने से भारी तबाही हुई है। इसके चलते हरिद्वार-ऋषिकेश हाई अलर्ट पर है। बता दें कि इससे पहले वर्ष 1991 उत्तरकाशी में अक्टूबर 1991 में 6।8 तीव्रता का भूकंप आया। इस आपदा में कम से कम 768 लोगों की मौत हुई और हजारों घर तबाह हो गए थे। इसके बाद वर्ष वर्ष 1998 पिथौरागढ़ जिले का छोटा सा गांव माल्पा भूस्खलन के चलते बर्बाद हुआ। वर्ष 1999 में चमोली जिले में आए 6।8 तीव्रता के भूकंप ने 100 से अधिक लोगों की जान ले ली थी। वहीं पड़ोसी जिले रुद्रप्रयाग में भी भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद वर्ष 2013 में जून में एक ही दिन में बादल फटने की कई घटनाओं के चलते भारी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुईं थीं। राज्य सरकार के आंकलन के मुताबिक इस आपदा में 5,700 से अधिक लोग इस आपदा का शिकार हुए थे।
Source: Navbharat Times February 08, 2021 04:49 UTC