कोरोना संक्रमण के बीच सोशल मीडिया के जरिए मदद मांग रहे लोगों पर कार्रवाई करने पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को सख्त हिदायत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई नागरिक सोशल मीडिया पर अपनी शिकायत दर्ज कराता है, तो इसे गलत जानकारी नहीं कहा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को यूपी सरकार के हालिया ऐक्शन से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें सोशल मीडिया ऑक्सिजन की गुहार लगाने वाले एक युवक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली तीन जजों की पीठ ने अपने आदेश में कहा, 'हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि यदि नागरिक सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं तो इसे गलत जानकारी नहीं कहा जा सकता है। किसी भी जानकारी पर शिकंजा कसना मूल आचरण के विपरीत है।'
Source: Navbharat Times April 30, 2021 13:30 UTC