Hindi NewsBusinessHealth Sector Budget Expectations Explains 2021 Update; What To Expect From Narendra Modi Govt? Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपसेहत का ख्याल: मध्य वर्ग के लिए आ सकती है हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम, दोगुना हो सकता है हेल्थ का बजटनई दिल्ली 10 घंटे पहलेकॉपी लिंककोरोना महामारी ने भारत के हेल्थ सेक्टर की बहुत सी खामियों को उजागर किया है। इस दौरान बेड, डॉक्टर्स और मेडिकल इक्विपमेंट्स की कमी से जूझना पड़ा। इसलिए उम्मीद है कि इन खामियों को दूर करने के लिए सरकार हेल्थ बजट को दोगुना करेगी। इसके अलावा हेल्थ सेस बढ़ाने की भी चर्चा है। सबसे पहले देखते हैं कि बजट में आम लोगों के मतलब की कौन सी घोषणाएं हो सकती हैं।हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज बढ़ाई जा सकती हैअभी कम कमाई वालों के स्वास्थ्य बीमा के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) चल रही है। इसमें मध्य वर्ग को भी शामिल किया जा सकता है। ज्यादा से ज्यादा लोग हेल्थ इंश्योरेंस कराएं, इसके लिए सेक्शन 80D के तहत छूट की सीमा बढ़ाई जा सकती है। अभी पति-पत्नी और बच्चों के लिए इसकी सीमा 25,000 रुपए है। माता-पिता अगर सीनियर सिटीजन हैं तो उनके लिए 50,000 रुपए तक की छूट है।स्वास्थ्य में स्किल डेवलपमेंट के लिए ज्यादा पैसाकोरोना के समय स्वास्थ्य कर्मियों की कमी भी देखने को मिली। इसे दूर करने के लिए अलग से बजट आवंटित किया जा सकता है। दवा, मेडिकल डिवाइस और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी खत्म करने की भी मांग है।हेल्थ बजट दोगुना कर सकती है सरकारमौजूदा वित्त वर्ष में स्वास्थ्य बजट 67,484 करोड़ रुपए का था। इसे 1.2-1.3 लाख करोड़ रुपए किया जा सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हेल्थकेयर खर्च को जीडीपी के 4% तक ले जाने के उद्देश्य से चार साल की योजना भी पेश कर सकती हैं। हेल्थ पर खर्च बढ़ाने के लिए हेल्थकेयर सेस बढ़ाया जा सकता है। अभी यह सेस इनकम टैक्स का 1% है।वैक्सीनेशन के खर्च के कारण बढ़ेगा हेल्थ बजटहेल्थ बजट बढ़ने के पीछे एक बड़ा कारण कोरोना का वैक्सीनेशन है। रेटिंग एजेंसी ICRA का अनुमान है कि वैक्सीन के एक डोज की कीमत 200 रुपए है, सभी को दो डोज लगने हैं, यानी प्रति व्यक्ति इसका खर्च 400 रुपए आएगा। अगर देश की 50 फीसदी आबादी का भी वैक्सीनेशन हुआ तो इसका सरकारी खर्च लगभग 27 हजार करोड़ रुपए आएगा।पिछले बजट में हुई थी ये घोषणाएं2020-21 के बजट में जन औषधि योजना को 2024 तक देश के हर जिले में पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया था। जन औषधि केंद्रों पर 2000 दवाइयां और 300 सर्जिकल प्रोडक्ट उपलब्ध होंगे। इसके अलावा छोटे शहरों में अधिक अस्पताल खोलने की घोषणा हुई थी। बजट में नेशनल हेल्थ मिशन के लिए 33,400 करोड़, आयुष्मान भारत के लिए 6,429 करोड़ और प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लिए 6,020 करोड़ दिए गए थे।
Source: Dainik Bhaskar January 29, 2021 00:56 UTC