सीरम इंस्टीट्यूट का दावा, दिसंबर तक देश के लिए कोरोना टीके की 30 करोड़ तक खुराक बना लेंगे - Dainik Bhaskar - News Summed Up

सीरम इंस्टीट्यूट का दावा, दिसंबर तक देश के लिए कोरोना टीके की 30 करोड़ तक खुराक बना लेंगे - Dainik Bhaskar


Hindi NewsNationalSerum Institute Claims, Up To 300 Million Doses Of Corona Vaccine For Country By Decemberजल्द कोरोना के टीके की उम्मीद बढ़ी: सीरम इंस्टीट्यूट का दावा, दिसंबर तक देश के लिए कोरोना टीके की 30 करोड़ तक खुराक बना लेंगेनई दिल्ली 6 घंटे पहलेकॉपी लिंकफाइल फोटोसीरम इंस्टीट्यूट (एसएसआई) ने कहा कि वह दिसंबर तक कोरोना वैक्सीन के 30 करोड़ डोज बना लेगा। संस्थान के कार्यकारी निदेशक डाॅ. सुरेश जाधव ने कहा कि डीसीजीआई से लाइसेंस मिलते ही टीके लॉन्च कर दिए जाएंगे। सीरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्रेजेनेका के साथ मिलकर वैक्सीन बना रहा है। डॉ. जाधव ने कहा कि सीरम 5 अलग-अलग उत्पादों पर काम कर रहा है। जो डोज बनेंगे, उनमें से आधे भारत व आधे मिलिंडा-बिल गेट्स की संस्था गैवी के जरिए गरीब देशों की मदद के लिए भेजे जाएंगे।रूसी वैक्सीन के ट्रायल की सिफारिश: सीडीएससीओ की एक्सपर्ट कमेटी ने भारत में रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-5 के दूसरे चरण के ट्रायल की सिफारिश की है। दो दिन में मंजूरी मिल सकती है।टीका कब मिलेगा? डाॅ जाधव ने कहा- हम दिसंबर में नियामक डीसीजीआई को तीसरे चरण के ट्रायल का डेटा उपलब्ध करा देंगे। नियामक संतुष्ट होते हैं तो हमें मार्केटिंग प्राधिकार के साथ एक महीने में टीके के आपात इस्तेमाल का लाइसेंस मिल सकता है। फिर हम प्रीक्वालिफिकेशन के लिए डब्ल्यूएचओ जाएंगे। उसके बाद टीके बाजार में आ जाएंगे।पहले किसे मिलेगा? सीरम ने कहा- टीका लगाने की प्राथमिकता सूची में सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मी होने चाहिए। दूसरे नंबर पर 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग हों। 18 साल से कम उम्र वालों पर बहुत कम परीक्षण चल रहे हैं, इसलिए हो सकता है कि उनका नंबर बाद में आए। 18 से 50 साल के उम्र के नागरिकों को आिखर में टीका लगाया जा सकता है।अभी यह स्थिति: चार कंपनियों के ट्रायल चल रहे हैं, तीसरे चरण में अकेला सीरमसीरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड के टीके के तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। दिसंबर में ट्रायल के नतीजे आ सकते हैं।भारत बॉयोटेक का दूसरे चरण का ट्रायल जारी है। इसी महीने दूसरे फेज का ट्रायल पूरा होगा। फिर तीसरे चरण का ट्रायल होगा।जायडस कैडिला दूसरे चरण के ट्रायल की तैयारी में है।बॉयोलॉजिकल-ई को पहले फेज के क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी मिल चुकी है। इसी तरह डॉ.


Source: Dainik Bhaskar October 18, 2020 02:03 UTC



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