2 फरवरी को चाैरीचौरा से शुरू की थी सत्याग्रह पदयात्रा11 फरवरी को गाजीपुर में किया था गिरफ्तार, शांतिभंग की धाराएं लगाईंरविवार शाम जेल से हुए रिहा तो लोगों ने फूल मालाओं से किया स्वागतसत्याग्रही प्रियेश व शेष नारायण ने जेल में बिताए अनुभव को किया साझाDainik Bhaskar Feb 17, 2020, 05:20 PM ISTवाराणसी. प्रियेश पांडेय: बैरक नम्बर 10 में रखा गया था। तीन दिन तक यह नहीं बताया गया कि हमारा जुर्म क्या है? किन धाराओं में एफआईआर लिखी गई है। 300 लोगों के जेल में 900 लोग रहते हैं। खाने, पीने, रहने की बहुत परेशानी वहां थी। गंदगी का और हाइजीन का घर है। हम लोग दिन में छोटे से ग्राउंड में ही बातचीत करते दिन काटते थे।भास्कर: कितने दिन बाद कापी पेन मिला? प्रियेश पांडेय: तीसरे दिन हमें मुंशी जी की किताब दी गई। तीसरे दिन बहुत मांगने पर कुछ पन्ने और पेन कुछ लोगों को मिला।भास्कर: आपकी यात्रा को सपा, बसपा और कांग्रेस का सपोर्ट है? प्रियेश पांडेय: मीडिया में हाईलाइट होने के बाद ये लोग आए। गिरफ्तारी के पहले कोई नहीं आया।भास्कर: यात्रा का मकसद क्या है?
Source: Dainik Bhaskar February 17, 2020 13:30 UTC