जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली : कापसहेड़ा थाना क्षेत्र में सर्दी से बचने के लिए अंगीठी जलाकर सोने से एक दंपती की मौत हो गई। मृतक की पहचान रामप्रवेश (38) व कविता (34) के रूप में हुई। शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों को सौंप दिया गया है। मामले में पुलिस की तहकीकात जारी है।मामला समालखा स्थित गोपाल कालोनी का है। यहां रामप्रवेश परिवार के साथ रहते थे। इनकी एक किराने की दुकान है। परिवार में पत्नी कविता के अलावा तीन बच्चे हैं। एक कमरे में पति-पत्नी व दूसरे कमरे में बच्चे सोते थे। आमतौर पर रामप्रवेश सुबह साढ़े छह बजे तक उठ जाते थे। लेकिन मंगलवार को ये सुबह आठ बजे तक भी नहीं उठे। इसके बाद बच्चों ने यह बात पास ही रहने वाले स्वजनों को बताई। स्वजन मौके पर आए तो कमरे में झांककर देखा तो पाया कि अंदर रामप्रवेश व पत्नी बेसुध पड़ी हैं। इसके बाद इनके माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि दो लोग कमरे में बेसुध हैं और दरवाजा नहीं खोल रहे हैं। मामले की जानकारी मिलते ही कापसहेड़ा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर दाखिल हुई। पुलिस ने फौरन दोनों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार चिकित्सकों ने मौत का कारण दम घुटना बताया है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस बात की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि जिस कमरे में ये सोए हुए थे, वहां अंगीठी जलाई मिली। बॉक्सदम घुटने से हुई थी छह की मौतकापसहेड़ा में पति-पत्नी की मौत के मामले में तीन वर्ष पूर्व दिल्ली कैंट थाना क्षेत्र में दम घुटने से छह लोगों की मौत की घटना को ताजा कर दिया। तब शादी समारोह में कैटरिग सर्विस देने आए छह लोगों की मौत दम घुटने से हुई थी। उस मामले में अमित, पंकज, अनिल, कमल, अवधलाल व दीपचंद कैटरिग के सामान को लाने व ले जाने वाले कंटेनर में सोने के लिए चले गए। साथ ही उस दिन जिस तंदूर में रोटी बनाई थी, उस तंदूर को भी कंटेनर में रख दिया, जिससे ठंड से बचाव हो पाए। अगली सुबह कैटरिग सर्विस देने वाले कर्मचारी जब शादी की तैयारियों में जुटे थे, तो उन्हें लगा कि कुछ सदस्य नहीं हैं। इसके बाद उन लोगों की खोजबीन शुरू हुई। एक सदस्य कंटेनर के पास गया तो उसे कंटेनर बंद मिला। उसने साथियों को इस बात की सूचना दी। जब कंटेनर का गेट नहीं खुला तो उन्होंने कंटेनर का गेट तोड़ दिया और अंदर देखा की सभी लोग बेसुध पड़े हैं। साथियों ने सभी के मुंह पर पानी के छींटे मारे, लेकिन किसी के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस सभी को लेकर हरि नगर स्थित दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंची जहां पंकज, कमल, अमित व अनिल को मृत घोषित कर दिया गया, वहीं अवधलाल व दीपचंद का उपचार शुरू कर दिया गया। उपचार के दौरान इन दोनों ने भी दम तोड़ दिया।शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप
Source: Dainik Jagran December 29, 2020 15:33 UTC