रेग्युलर क्लोजर पर्सनल लोन तीन तरीके से बंद होते हैं। पहला यानी रेग्युलर क्लोजर। इमसें कस्टमर हर महीने ईएमआई चुकाता है। एक तय सीमा के बाद जब पूरा पेमेंट हो जाता है, आपकी ईएमआई बंद हो जाती है। इसमें लोन की आखिरी किस्त दें और लोन क्लोजर पर बैंक से संपर्क करें। आप घर बैठे कस्टमर केयर से भी बात कर सकते हैं। इसके अलावा मेल के जरिए भी बातचीत और किसी तरह की शिकायत की जा सकती है।प्री-क्लोजर इसमें दूसरा होता है प्री-क्लोजर। यह वह प्रक्रिया है जब कोई व्यक्ति लोन की अवधि समाप्त होने से पहले लोन चुकाता है। कुछ संस्थान लोन के प्री-क्लोजर पर शुल्क लगाते हैं। हालांकि, कई बार प्री-क्लोजर ब्याज दरों और कर्ज के बोझ को कम करने में मदद करता है। बैंकों में अलग-अलग लॉक-इन पीरियड होते हैं, जिनसे पहले कोई भी लोन बंद कर सकता है। हालांकि बैंक ब्याज राशि पर हुए नुकसान को पूरा करने के लिए प्री-क्लोजर शुल्क लेते हैं। अलग-अलग बैंकों का इसको लेकर अलग-अलग नियम हैं। ऐसे में इस संबंध में विशेष जानकारी के लिए आपको अपने बैंक से या बैंक के कस्टमर केयर सेवा अधिकारी से बात करनी होगी। वर्तमान समय में कई बैंक प्री-क्लोजर को लेकर कोई चार्ज भी नहीं वसूलते हैं।आंशिक भुगतान तीसरा विकल्प आंशिक भुगतान का होता है। अगर आप चाहते हैं कि लोन का भुगतान जल्द से जल्द हो जाए तो बीच-बीच में आंशिक भुगतान किया जा सकता है। इसके दो तरह के फायदे होते हैं। आंशिक भुगतान करने के बाद आपकी ईएमआई घट जाएगी या फिर लोन पीरियड घट जाएगा। इसमें क्या विकल्प चुनना है यह आप पर निर्भर करता है। इसके साथ एक और खासियत यह है कि आंशिक भुगतान बीच में कई बार किया जा सकता है।
Source: Navbharat Times November 17, 2020 11:00 UTC