पंचकूला | ब्रहमलीन गुरुदेव ऊषा माता की याद में गुरु पूजा दिवस मंगलवार को मनाया गया। आयोजन समिति की प्रबंधक गीता माता ने कहा कि गुरु शरण में रहकर मंत्री ग्रहण करना और सतगुरु के अर्पण अपनी भक्ति और मन समर्पण करना ही सच्ची श्रद्धा और सेवा है। सतगुरु के आगे कभी ऊंचा नहीं बोलना चाहिए। सतगुरु के ऊपर कोई दोष रोष नहीं करना चाहिए। गुरु की आज्ञा शीश पर चढाएं रखना सच्ची सेवा है। सतगुरु की शरण में अज्ञान रुपी अंधेरा मिट जाता है। ज्ञान रुपी ज्योत जग जाती है।
Source: Dainik Bhaskar July 17, 2019 02:03 UTC