वरिष्ठ सपा नेता और नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने 13 सितंबर को विधानसभा अध्यक्ष को शिवपाल के खिलाफ अर्जी दी थी. चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, "यदि शिवपाल अपनी पार्टी को भंग कर सपा के साथ उसका विलय कर दें तो सपा उनके खिलाफ दायर अर्जी वापस ले लेगी." सपा ने पहली बार शिवपाल को विलय का प्रस्ताव दिया है. अखिलेश यादव के इस संकेत से अकटलें तेजचौधरी ने कहा कि पार्टी ने शिवपाल को प्रस्ताव देने में काफी धर्य दिखाया है. गौरतलब है कि एक हफ्ता पहले, अखिलेश यादव ने कहा था कि जो कोई पार्टी में आना चाहे, उसके लिए दरवाजा खुला है.
Source: NDTV September 29, 2019 17:03 UTC