विज्ञान की कसौटी पर खारिज हो चुकी हैं डॉक्टरों की कई सलाह, डॉक्टर भी हैं कई भ्रमों के शिकारन्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन। डॉक्टर अगर कोई सलाह देता है, तो हम सब यह मानकर चलते हैं कि उसका कोई वैज्ञानिक आधार होगा। इसीलिए ऐसे सुझाव धीरे-धीरे एक व्यक्ति से दूसरे तक होते हुए लगभग पूरे समाज में फैल जाते हैं। क्या आपको पता है कि डॉक्टर से मिलने वाली कुछ सलाह भी निराधार होती हैं? आम लोगों के साथ-साथ ज्यादातर डॉक्टर भी कुछ भ्रमों को सच मानकर लोगों को उनसे जुड़ी सलाह दे देते हैं।एक अध्ययन के मुताबिक, आमतौर पर दी जाने वाली करीब 400 सलाह ऐसी हैं, जिनके बारे में वैज्ञानिक तथ्य अलग हैं। जेएएमए और द लैंसेट विज्ञान पत्रिकाओं में 2003 से 2017 के बीच छपे 3,000 से ज्यादा अध्ययनों तथा न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में 2011 से 2017 के बीच छपे अध्ययनों में से हर 10वें अध्ययन में किसी मेडिकल दावे को खारिज किया गया था। इसका अर्थ है कि इन अध्ययनों में ऐसे कई सुझावों को गलत पाया गया, जो डॉक्टर आमतौर पर सभी चिकित्सकों को देते हैं।अमेरिका की ओरेगॉन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी के डॉ. विनय प्रसाद ने कहा, ‘निसंदेह यह जानकर सब ठगा हुआ महसूस करते हैं। वर्षों से पढ़े-लिखे और समझदार लोग जो सलाह देते आ रहे हैं, वो गलत है।’ प्रसाद और उनकी टीम ने ऐसी कुछ सलाहों और उनकी सच्चाई के बारे में आंकड़े जुटाए हैं। कुछ ऐसे भ्रमों पर डालते हैं एक नजर...बच्चे को मूंगफली ना खिलाएंबच्चों को पीनट एलर्जी यानी मूंगफली से होने वाली एलर्जी का खतरा रहता है। इसे लेकर सलाह दी जाती है कि तीन साल से कम उम्र के बच्चे को मूंगफली नहीं खिलानी चाहिए। शोध ऐसा नहीं मानते। वैज्ञानिकों के अनुसार, बच्चा किस उम्र में मूंगफली खाएगा, इससे एलर्जी पर कोई फर्क नहीं पड़ता।दिल की बीमारी दूर करता है मछली का तेलधारणा है कि मछली का तेल दिल की बीमारियों को दूर करता है। इसमें पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड के कारण यह बात सही भी लगती है। हालांकि 12,500 लोगों पर किए गए प्रयोग में यह दावा निराधार पाया गया।हार्मोनल इलाज से ठीक होती है याददाश्तकुछ अध्ययनों में पाया गया है कि जिन लोगों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर सही होता है, उनका दिमाग बेहतर काम करता है और उनकी याददाश्त अच्छी रहती है। लेकिन इसके आधार पर यह निष्कर्ष निकालना गलत है कि हार्मोनल इलाज से याददाश्त सही हो सकती है। शोध में यह दावा गलत पाया गया है।ट्रैकर पहनने से कम होता है वजनलोगों में इस बात का भी भ्रम देखा गया है कि कैलोरी ट्रैकर और कदम गिनने वाले डिवाइस पहनने से वजन कम होता है। कई डॉक्टर भी इसकी सलाह देते हैं। हालांकि अध्ययन में ऐसा नहीं पाया गया है। बल्कि कुछ मामलों में उलटा असर देखने को मिला है।चूहे, कॉकरोच भगाने से अस्थमा में लाभकई डॉक्टर सलाह देते हैं कि घर में चूहे और कॉकरोच को नहीं पनपने देना चाहिए। ऐसा करना अस्थमा के मरीजों के लिए अच्छा है। हालांकि 2017 में एक अध्ययन में पाया गया था कि कॉकरोच आदि भगाने के लिए घर में कीटनाशक का छिड़काव करने से बच्चों को पड़ने वाले अस्थमा के दौरे पर कोई सकारात्मक असर नहीं पड़ता है।Posted By: Sanjay Pokhriyal
Source: Dainik Jagran July 04, 2019 05:15 UTC