वाराणसी / पीएम मोदी के खिलाफ बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर की दावेदारी खतरे में, आयोग ने भेजी नोटिस - News Summed Up

वाराणसी / पीएम मोदी के खिलाफ बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर की दावेदारी खतरे में, आयोग ने भेजी नोटिस


Dainik Bhaskar Apr 30, 2019, 07:56 PM ISTसपा के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे तेज बहादुरतेज बहादुर ने दो बार किया है नामांकन, दोनों बार अलग अलग जानकारी दीवाराणासी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी में सपा-बसपा गठबंधन ने बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर को टिकट दिया है। लेकिन उनकी उम्मीदवार पर खतरा मंडराने लगा है। सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारी ने तेज बहादुर को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि शपथ पत्र में नौकरी से बर्खास्त होने की अलग अलग वजह बताई गई है। तेज बहादुर ने 24 अप्रैल को बतौर निर्दल, इसके बाद 29 अप्रैल को सपा के सिंबल पर नामांकन किया था। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि, जवाब दाखिल करने के लिए बुधवार दोपहर 11 बजे तक का समय दिया गया है।यदि सरकारी नौकरी से बर्खास्त तो आयोग को देनी होती है जानकारीवाराणसी के रिटर्निंग ऑफिसर ने कहा है कि अगर कोई सरकारी नौकरी से बर्खास्त हो तो इसकी जानकारी चुनाव आयोग को देनी पड़ती है और फिर उनके आदेश के बाद नामांकन करना होता है। लेकिन तेज बहादुर जो की सेना से बर्खास्त जवान हैं, उन्होंने इस नियम का पालन नहीं किया है। इसलिए यह नोटिस जारी किया गया।ये है पूरा मामला-प्रथम नाम निर्देशन पत्र भाग 3 के क्रमांक 6 में अभ्यर्थी भारत सरकार का या राज्य सरकार के अधीनस्थ पद धारण करने के दौरान भ्रष्टाचार के कारण पदच्युत किया गया है? हां/नही यदि हो तो हां के साथ पदच्युत होने की तारीख और विवरण, जिसमें तेज बहादुर ने 19 अप्रैल 2017 हां लिखा है।29 तारीख को द्वितीय नाम निर्देशन पत्र में जो शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया उसमें उल्लेख किया गया कि गलती से प्रथम नामांकन पत्र में क्रमांक 6 में नही की जगह हां लिख दिया था। साथ ही शपथ पूर्ण बयान दिया कि 19 अप्रैल को बर्खास्त किया गया पर भ्रस्टाचार में नही। दोनों में सही जो भी हो चुनाव आयोग से लिखित लेकर आए।पर्चा खारिज होने से नाराज साधु संतों ने किया प्रदर्शनपीएम मोदी के खिलाफ देश के अलग अलग हिस्सों से आए 102 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है। मंगलवार को पत्रों की जांच की गई। ऐसे में कई प्रत्याशियों का पर्चा खारिज कर दिया गया है। संतो की ओर से चयनित निर्दल प्रत्यासी भगवान वेदांताचार्य का पर्चा खारिज होते ही जिला मुख्यालय पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तरेश्वरानंद के साथ भारी संख्या में साधु संत कलेक्ट्रेट पहुंच कर विरोध करने लगे। अविमुक्तरेश्वरानंद कहना कि द्वेषपूर्ण भावना के कारण सरकार के दबाव में नामांकन खारिज किया गया है। अमित शाह और योगी कल रात में यहां रुके थे। ये लोग नहीं चाहते कि आम आदमी लड़े मोदी के खिलाफ। लोगों में आक्रोश है।


Source: Dainik Bhaskar April 30, 2019 14:26 UTC



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