नई दिल्ली, आइएएनएस। बीसीसीआइ को प्लेऑफ मैचों की टिकटों की बिक्री से 20 करोड़ रुपये की आमदनी की उम्मीद है। ग्रुप चरण में खेले गए मुकाबलों के टिकटों से होने वाली आमदनी विभिन्न फ्रेंचाइजियों को दी जाती है, जबकि अंतिम चार मुकाबलों का पैसा बोर्ड को दिया जाता है। बीसीसीआइ ने आइपीएल के 12वें संस्करण के लिए जारी किए बजट में यह दर्शाया है कि 2018 में टिकटों की ब्रिकी से जो आमदनी हुई थी उससे इस बार दो करोड़ का इजाफा हुआ।पिछले आइपीएल की टिकटों से बोर्ड को 18 करोड़ रुपये मिले थे। इस संस्करण का फाइनल मैच 12 मई को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि क्वालीफायर-एक चेन्नई और क्वालीफायर-दो एवं एलिमिनेटर विशाखापत्तनम में आयोजित किया जाएगा।तमिलनाडु क्रिकेट संघ (टीएनसीए) को आई, जे और के स्टैंड खोलने की अनुमति नहीं मिली, जिसके कारण फाइनल मुकाबला हैदराबाद में आयोजित कराए जाने का निर्णय लिया गया। आमतौर पर प्लेऑफ मुकाबले मौजूदा विजेता और फाइनल तक पहुंचने वाली टीम के घरेलू मैदान पर खेले जाते हैं, लेकिन कुछ कठिनाइयों के कारण बीसीसीआइ को विशाखापत्तनम में मैच कराने का निर्णय लेना पड़ा। चेन्नई में क्वालीफायर-एक सात मई को खेला जाएगा।विशाखापत्तनम आठ और 10 मई को एलिमिनेटर और क्वालीफायर-2 की मेजबानी करेगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख विनोद राय ने कहा था कि प्लेऑफ मुकाबलों को स्थानांतरित करना होगा क्योंकि इन मैचों के टिकट की बिक्री बोर्ड का विशेषाधिकार है। राय ने कहा था कि टीएनसीए को आई, जे और के स्टैंड खोलने की अनुमति नहीं मिली, जिसके बारे में उन्होंने हमें सूचित किया और हमने मुकाबलों को चेन्नई से हैदराबाद स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। चूंकि नॉकआउट मैचों की टिकट बिक्री बोर्ड का विशेषाधिकार है इसलिए हमें यह निर्णय लिया।Posted By: Sanjay Savern
Source: Dainik Jagran April 30, 2019 14:25 UTC