), उप जिलाधिकारी, नजफगढ़, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली जिला, दिल्ली की गरियामयी उपस्थिती में रखी गई. उन्होने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र के द्वारा वर्षा जल को एकीकृत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है. जो दिल्ली क्षेत्र के किसानों के लिए व बढ़ रहे पर्यावरण परिवर्तन की अनुकलता के लिए मील का पत्थर साबित होगा. इस खबर को भी पढ़ें वर्षा आधारित खेती करने के लिए इन 5 विधियों से करें जल संरक्षणकार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री काले ने बताया कि पानी संग्रहण इकाई में एकीकृत जल को सूक्ष्म एवं फंव्वारा पद्वति के माध्यम से ’’प्रति बूंद अधिक फसल’’ जैसे आधुनिक सिंचाई तकनिकों को बढ़ावा देकर वर्षा जल संरक्षण की दिशा में कार्य कर सकते हैं. एफ., नई दिल्ली, मुख्य अतिथि सहित माननीय अतिथिगण कृषक बंधु, मीडिया कर्मी का स्वागत करते हुए कृषि विज्ञानं केंद्र के द्वारा स्थापित किये जा रहे वर्षा जल संचयन इकाई के बारे में विस्तृत की जानकारी दी.
Source: Dainik Jagran October 26, 2021 18:00 UTC