सन 2009 में अरुण यादव ने पटखनी दी तो 2014 में चौहान ने बदला चुका लिया. भोगांव के देवीकिशन कहते हैं 3 लाख 63 हजार के लिए जो आवेदन दिया है उम्मीद है हो जाएगा कुछ लोगों का हो गया है. वे एक ढाबे पर रुके, आरोप लगाया कि अरुण यादव के भाई कृषि मंत्री सचिन यादव के दबाव में इसे तोड़ दिया गया... लोग भैय्या भैय्या ... नंदू भैय्या के नारों में व्यस्त हैं. अरुण यादव ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत में ही बीजेपी के दिग्गज नेता कृष्णमुरारी मोघे को हराया था. तय पब्लिक को करना है, जो प्रधानमंत्री के किशोर कुमार पर भावनात्मक भाषण सुन रही है, उनकी समाधि पर टूटी लाइट देख रही है ... और दोनों को शायद आज भी किशोर दा अपने अंदाज में देख रहे हैं.
Source: NDTV May 15, 2019 17:35 UTC