मुंबई में साहित्यिक पुरस्कार समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं आप सभी को संबोधित करने के लिए 'मित्रों' कहने वाला था, लेकिन मैं रुक गया. जब मेरा दोस्त यशवंत (व्यास) मुझसे मिलने के लिए दिल्ली से आया तो मैं डर गया. चव्हाण केंद्र में लेखकों- ज्ञानरंजन और भालचंद्र नेमदे को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक समारोह में गुलजार (Gulzar) मुख्य अतिथि थे. पीएम मोदी ने की जनता से लोकल चीजें खरीदने की अपील, तो अनुराग कश्यप ने यूं कसा तंजगुलजार (Gulzar) ने कहा कि एक लेखक को हमेशा सत्य बोलना चाहिए. उन्होंने कहा, "मैं देश के लिए महानगरीय संस्कृति की एक मिसाल हूं.
Source: NDTV December 30, 2019 12:22 UTC