सरकार को रीयल एस्टेट क्षेत्र को गति देने व 2022 तक सभी के लिये मकान का लक्ष्य हासिल करने के लिये आगामी बजट में अर्थव्यवस्था में नकदी बढ़ाने के वास्ते कदम उठाये जाने की उम्मीद है. इसके अलावा कंपनियों ने रीयल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिये जाने, रीयल्टी परियोजनाओं के विकास की मंजूरी के लिये एकल व्यवस्था, मकान खरीदारों को कर छूट के साथ कंपनियों को भी कर छूट तथा किराये पर मकान को बढ़ावा देने की नीति बनाने की भी मांग की है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिये जाने के साथ रीयल्टी कंपनियां सरकार से बाह्य वाणिज्यिक उधारी नियमों में रियायत चाहती हैं. प्रोप टाइगर डाट काम के सीईओ ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में संकट के समाधान के लिये सरकार के हस्तक्षेप से क्षेत्र में नकदी बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा, ‘हम यह भी उम्मीद करते हैं कि सरकार क्षेत्र को बैंक वित्त पोषण बढ़ाने के लिये कदम उठाये ताकि नकदी की चिंता से अटकी परियोजनाओं को मदद मिल सके.
Source: NDTV July 03, 2019 14:48 UTC