Dainik Bhaskar Jun 10, 2019, 02:21 PM ISTअभिभावकों व शिक्षकों की मौजूदगी में हुए समारोह में सम्मानित होने पर अचीवर्स के चेहरे खुशी से दमक उठेआरिफ कुरैशी. दैनिक भास्कर अजमेर एवं आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी जयपुर द्वारा दैनिक भास्कर स्टूडेंट अचीवर्स अवार्ड कार्यक्रम का आयोजन राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के राजीव गांधी सभागार में किया गया। इस मौके पर सीबीएसई और आरबीएसई के 12वीं और 10वीं के 850 से अधिक अचीवर्स को मेडल और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। कुल 550 से अधिक स्टूडेंट्स 12वीं कक्षा के और 300 से अधिक कक्षा 10वीं के थे। इनमें दसवीं कक्षा में 98.5 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली शाहीन अफराेज भी शामिल है।अभिभावकों व शिक्षकों की मौजूदगी में हुए समारोह में सम्मानित होने पर अचीवर्स के चेहरे खुशी से दमक उठे। समारोह में कलेक्टर विश्व मोहन शर्मा, एसपी कुंवर राष्ट्रदीप, एडीए कमिश्नर निशांत जैन,एडीएम प्रथम आनंदी लाल वैष्णव, एसडीएम पुष्कर देविका तोमर,आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी जयपुर के वाइस चांसलर प्रो. राजेश कोठारी, यूनिवर्सिटी के स्टेट हैड राकेश ऋषि और क्लस्टर हैड सागर, यूनिट हैड प्रशांत कुकरेती समेत विभिन्न गणमान्य लोगों ने अचीवर्स को मेडल व सर्टिफिकेट प्रदान किए। समारोह दो सत्रों में आयोजित किया गया। पहले सत्र में सुबह 10 बजे से कक्षा 12वीं के अचीवर्स को सम्मानित किया गया।सफल लोगों ने दिए सफलता के टिप्ससमारोह में विद्यार्थियों को भविष्य के जीवन में सफलता पाने के लिए सफल लोगों ने सफलता के टिप्स दिए। विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत, सतत प्रयास और लक्ष्य के प्रति संवेदनशील रहने और उसे पाने के लिए जज्बा व जुनून की हद तक उतर जाने के मूल मंत्र दिए। सफलता ही न केवल विद्यार्थी का नाम रोशन करती है, बल्कि उसके माता-पिता के साथ ही शहर और देश का नाम भी रोशन करती है।कलेक्टर विश्वमोहन शर्मा ने इस मौके पर कहा कि सफलता के लिए निरंतर कठिन परिश्रम आवश्यक है। 10वीं और 12वीं कक्षा में सफलता पहला माइल स्टोन है। इस सफलता को बनाए रखने के लिए लक्ष्य के साथ पढ़ाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद लक्ष्य आधारित फील्ड को चुन कर अध्ययन करेंगे तो सफलता मिलेगी। इस सफलता के साथ ही अजमेर के साथ ही अपने माता पिता और शिक्षकों का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने स्टूडेंट्स को स्टडी के साथ स्पोर्ट्स और अपनी हॉबी के अनुसार काम करने के लिए भी प्रेरित किया और कहा कि मेंटल डवलपमेंट के लिए यह चीजें भी आवश्यक हैं।एसपी कुंवर राष्ट्र दीप ने कहा कि सफलता हमेशा भ्रमित करती है। कुछ सफलता मिलते ही हमारे मन में ख्याल आने लगते हैं हम तो महान हैं। इस तरह के विचारों को मन में जगह न दें, बल्कि भविष्य में आगे बढ़ने के लिए बराबर मेहनत करें। फोकस कर मेहनत करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। कुंवर राष्ट्र दीप ने पेरेंट्स से कहा कि पेरेंट्स की जिम्मेदारी उस वक्त और बढ़ जाती है जब बच्चा किसी बार अच्छा नहीं कर पाए। ऐसे में सब उससे दूरी बनाएंगे, लेकिन पेरेंट्स उसका ख्याल रखें, उसका हौसला बढ़ाएं और आगे बढ़िया करने की हिम्मत दें। वरना बच्चा बिखर जाएगा और इस तरह के वाकियात कोटा में आए दिन सुनने को मिलते हैं। पेरेंट्स को चाहिए कि बच्चे पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाएं। उसकी मर्जी पर उसे छोड़ें।वाइस चांसलर प्रो. राजेश कोठारी ने कहा कि 12वीं कक्षा के बाद अन बाउंड एरिया है। जिंदगी उसी की है जो हर कदम आगे ले जाता है। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में जितने भी सक्सेसफुल लोग हुए हैं, चाहे धीरू भाई अंबानी, जीडी बिड़ला या कोई और उन्हें आज की तरह इतनी अच्छी शिक्षा नहीं मिली। लेकिन फिर भी उन्होंने दुनिया को बदला है। दैनिक भास्कर की टैग लाइन जिद करो दुनिया बदलो, पहले किसी के समझ में नहीं आई, लेकिन यह टैग लाइन हमें सफलता की कहानी सुनाती है। हमें भी आगे बढ़ने के लिए अपने आपसे जिद करनी चाहिए और लुक बैक नहीं बल्कि लुक फोरएवर की थ्योरी को अपनाना चाहिए।उन्होंने कहा कि जिसने भी जिंदगी में परिश्रम किया है, उसे सफलता जरूर मिली है। चुनौती और संघर्ष उस वीर का काम है, जिसे दुनिया में कुछ करना है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, इंटरनेट ये सब बदलती तकनीक और परिवेश के परिचायक हैं। इनका सदुपयोग कर आप अपने आपको बेहतर बना सकते हैं। निशांत जैन ने कहा कि कक्षा में अच्छे नंबर आना ही सफलता नहीं है, बल्कि इसके साथ ही सफल औैर अच्छा इंसान भी बनना चाहिए। आगे बढ़ने के लिए अपने ध्येय के प्रति समर्पित रहें। बच्चों के बीच अाकर उन्हें अच्छा लगा। उन्होंने बच्चों से शेयर किया कि उन्हें भी पढाई के दाैरान समय-समय पर बहुत मैडल मिले हैं।एडीएम आनंदीलाल वैष्णव ने कहा कि संसाधन और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भी व्यक्ति सफलता प्राप्त करता है, यदि उसमें आगे बढ़ने की ललक है तो। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देकर बताया कि कक्षा 4 तक उनकी शिक्षा पेड़ के नीचे हुई। कोई दरी पट्टी नहीं थी। 8वीं में आने के बाद दरी पट्टी मिली। लेकिन एक जज्बा था जुनून था जिसने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सपने पूरा करने के लिए डेडीकेशन और हार्डवर्क जरूरी है।एसडीएम देविका तोमर ने कहा कि यदि हम में ओवर कांफीडेंस आ गया तो फिर असफलता ही मिलेगी। इस तरह के मोटिवेटिंग और इंस्पायरिंग प्रोग्राम बच्चों के आगे बढ़ने के लिए आवश्यक हैं। यूनिट हैड प्रशांत कुकरेती ने अतिथियों का बुके भेंट कर स्वागत किया। दोपहर के सत्र में कक्षा 10वीं के अचीवर्स का सम्मान किया गया। इस मौके पर पोजीट्रोन के भीष्म सावलानी और पल्लव काबरा, कृ़ष्णा केशव स्कूल के महेंद्र सिंह चाैहान, सावन स्कूल के हरीश शर्मा ने भी विद्यार्थियों को मेडल दिए। आरजे दक्ष ने कार्यक्रम का संचालन किया।लक्की ड्रा में दो छात्रों को मोबाइलकार्यक्रम में लकी ड्रा भी खोला गया। लक्की ड्रा 12वीं में प्रकाश टिक्यानी औैर 10वीं में खुशी रहे। इन्हें मोबाइल भेंट किया गया।यह थे सह प्रायोजकआईसीएफएआई यूनिवर्सिटी जयपुर के अलावा इस कार्यक्रम के सह प्राय
Source: Dainik Bhaskar June 10, 2019 08:52 UTC