Dainik Bhaskar Jun 02, 2019, 05:27 PM ISTबजरी ट्रैक्टर चालक की मौत मामले ने तूल पकड़ापुलिसकर्मियों की मारपीट से मौत होने का आरोप हैनगरफोर्ट (टोंक)। टोंक जिले में ट्रैक्टर चालक भजनलाल मीणा की मौत का मामले में कार्रवाई को लेकर धरना रविवार को पांचवे दिन भी जारी रहा। रविवार को पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी व बसपा विधायक लाखन मीणा सहित कई स्थानीय नेता धरने में शामिल हुए। इस मामले में सत्ता पक्ष के देवली उनियारा विधायक और पूर्व डीजीपी हरीश मीना ही धरने पर थे, लेकिन शनिवार को भाजपा सांसद किरोड़ीलाल मीणा व टोंक-सवाईमाधोपुर सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया भी इसमें शामिल हो गए। शनिवार को चौथे दिन विधायक हरीश मीना ने आमरण अनशन भी शुरू कर दिया। इस पर धरना स्थल पहुंचे डाक्टर ने हरीश मीणा का हैल्थ चैकअप किया। भाजपा व कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन उग्र करने की चेतावनी दी है।पूर्व डीजीपी का विरोध सहीलाखन मीणा ने कहा कि इस मामले में पूर्व डीजीपी हरीश मीणा का विरोध सही है। इस मामले में हमारा उनको पूरा समर्थन है। यह पूछे जाने पर कि राज्य की कांग्रेस सरकार को उनका समर्थन है। इस मामले में अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो क्या वे सरकार से समर्थन वापिस लेंगे, लाखन ने कहा, यह निर्णय हमारी नेता बसपा सुप्रीमो मायावती ही कर सकती हैं। मैं इस बारे में कुछ नहीं बोलूंगा। लाखन ने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।उल्लेखनीय है कि गत 29 मई को फतेहगंज परासिया निवासी बजरी के ट्रैक्टर चालक भजनलाल की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि उसकी मौत उनियारा पुलिस की पिटाई से हुई। मामले को लेकर नगर फोर्ट चिकित्सालय में पूर्व डीजीपी मीना के नेतृत्व में धरना दिया जा रहा है। शनिवार सुबह 10 बजे उनके साथ जहाजपुर से भाजपा विधायक गोपीचंद मीणा ने भी अनशन शुरू किया। पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल सहित भाजपा व कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी भी पहुंचे। इस बीच, जिला कलेक्टर की और से मुख्य सचिव को सौंपी गई रिपोर्ट ने भी मामला और गर्मा दिया है। रिपोर्ट में पुलिस और बजरी माफिया के बीच मुठभेड़ की बात कही गई है।कांग्रेस के हरीश मीना बोले गरीब परिवार को मिले न्यायविधायक हरीश मीना ने कहा- गरीब परिवार के साथ अन्याय हुआ है। उसे न्याय मिलना चाहिए। राज्य सरकार दोषियों को बचाने में लगी है, पीड़ित परिवार की ओर ध्यान नहीं दे रही है जो मुझे बर्दाश्त नहीं। कोई हमारे सब्र की परीक्षा न ले।ये हैं मांगें : दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर उन पर हत्या का केस दर्ज करने, आश्रित को नौकरी देने, 25 लाख रु. की सहायता सहित अन्य मांगें।वहीं सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने न्याय नहीं करने का आरोप लगाते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने शनिवार को चेतावनी दी थी कि 3 दिन में पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो आर-पार की जंग होगी। उन्होंने अपना 2 माह का वेतन भी पीड़ित परिवार को देने की घोषणा की।न्यूज व फोटो : महावीर बैरवा
Source: Dainik Bhaskar June 02, 2019 11:56 UTC