रबी सीजन में भारी पैदावार के अनुमान ने बढ़ाई भंडारण की चिंता, पहले से पड़ा है पांच करोड़ टन का स्टॉक - News Summed Up

रबी सीजन में भारी पैदावार के अनुमान ने बढ़ाई भंडारण की चिंता, पहले से पड़ा है पांच करोड़ टन का स्टॉक


रबी सीजन में भारी पैदावार के अनुमान ने बढ़ाई भंडारण की चिंता, पहले से पड़ा है पांच करोड़ टन का स्टॉकनई दिल्ली, सुरेंद्र प्रसाद सिंह। चालू रबी सीजन में गेहूं समेत अन्य फसलों की भारी पैदावार के अनुमान के बीच खाद्यान्न भंडारण की गंभीर चुनौती होगी। इसे लेकर सरकार के माथे पर अभी से बल पड़ने लगे हैं। रबी सीजन की खरीद शुरू होने के दिन तक भंडारण क्षमता का 75 प्रतिशत हिस्सा पुराने अनाज से भरा हुआ होगा। इसी के मद्देनजर भंडारण के अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।केंद्रीय खाद्य मंत्रालय लगातार अपनी चिंताओं से प्रधानमंत्री कार्यालय को अवगत करा रहा है। खुले बाजार में गेहूं की बिक्री के लिए निर्धारित शर्तों में ढील देने का प्रस्ताव भी नाकाफी माना जा रहा है। सरकार ने रेलवे के खाली पड़े कुछ गोदामों और शेड के उपयोग की बात कही, लेकिन विशेषज्ञों ने उसे खारिज कर दिया। इन गोदामों का उपयोग अनाज भंडारण के काबिल नहीं है।इसी तरह अनाज के मूल्य में लगभग डेढ़ रुपये प्रति किलो की कटौती कर खुले बाजार में बेचने के मसौदे पर भी सहमति नहीं बनी। इस वर्ष की शुरुआत में सेंट्रल पूल में कुल 5.65 करोड़ टन अनाज था। अगले तीन महीने में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए कुल लगभग 75 लाख टन अनाज की जरूरत होगी। इसे घटाने के बावजूद पुराने अनाज की मात्र बहुत होगी।दरअसल, सरकार के पास बफर स्टॉक के मानक रूप में हर वर्ष पहली जनवरी को कुल 2.14 करोड़ टन अनाज होना जरूरी होता है। इसमें 1.64 करोड़ टन ऑपरेशन स्टॉक और 50 लाख टन स्ट्रैटेजिक स्टॉक होना चाहिए। इस वर्ष पहली जनवरी को पूल में केंद्रीय एजेंसियों के पास 3.19 करोड़ टन और राज्य एजेंसियों के पास 2.45 करोड़ टन अनाज का भंडार है।पूल के खाद्यान्न स्टॉक में 2.37 करोड़ टन चावल और 3.27 करोड़ टन गेहूं है। केंद्र व राज्य एजेंसियों के पास भंडारण की सुविधा का अभाव उनकी गेहूं खरीद में बाधा पैदा कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक ऐसी दशा में अस्थायी भंडारण का बंदोबस्त करना होगा, जो खुले में तिरपाल से ढंक कर किया जा सकता है। सबसे ज्यादा मुश्किलें गेहूं उत्पादक राज्यों के सामने हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में केंद्रीय पूल का अनाज पड़ा हुआ है।Posted By: Pawan Jayaswalडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस


Source: Dainik Jagran January 24, 2020 03:45 UTC



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