मोदी सरकार का बड़ा फैसला, दर्जनभर भ्रष्ट आयकर अधिकारियों की नौकरी से छुट्टी - News Summed Up

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, दर्जनभर भ्रष्ट आयकर अधिकारियों की नौकरी से छुट्टी


हरिकिशन शर्मा, नई दिल्ली। भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए मोदी सरकार ने आयकर विभाग के दर्जनभर आला अधिकारियों की छुट्टी कर दी है। चीफ कमिश्नर, प्रिंसिपल कमिश्नर और कमिश्नर रैंक के इन अधिकारियों को वित्त मंत्रालय ने जबरन सेवानिवृत्त कर दिया है। केंद्र ने यह कठोर कदम उठाते हुए नौकरशाही को भी स्पष्ट संकेत दे दिया है।मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स, 1972 के फंडामेंटल रूल 56 के तहत इन अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्त किया गया है। इन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। इन्होंने घूसखोरी के जरिये भारी भरकम संपत्ति अर्जित कर रखी है। इनकी संपत्ति उनके आय के ज्ञात स्रोतों से काफी अधिक है। आयकर विभाग ने इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की थी जिसे इन्होंने अदालत में चुनौती दे दी थी। यही वजह है कि सरकार ने इनके खिलाफ अब कठोर कदम उठाया है।सूत्रों ने कहा कि जिन अधिकारियों को जबरन रिटायर किया गया है उनमें 1985 बैच के आइआरएस अधिकारी भी शामिल हैं जिन पर चंद्रास्वामी की मदद करने वाले एक कारोबारी से वसूली करने का आरोप है। इसके अलावा 1989 बैच के एक अधिकारी का नाम भी इस सूची में जिन पर दो महिला अधिकारियों के यौन शोषण का आरोप है। इसके अलावा 1985 बैच के एक अन्य आइआरएस अधिकारी का नाम भी इसमें शामिल है जिन्होंने तीन करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति अपने नाम पर बना ली है। इसके अलावा एक अन्य अधिकारी का नाम भी इस सूची में शामिल है जिन्हें घूस लेते हुए सीबीआइ ने गिरफ्तार किया था।सीबीआइ द्वारा उन्हें गिरफ्तार किये जाने के बाद सीवीसी ने भी उनके खिलाफ जांच का आदेश जारी किया था। एक अधिकारी ऐसा भी है जिसे उसके नकारापन के चलते सेवानिवृत किया गया है। वह टैक्स के बड़े-बड़े मामलों को निपटाने में नाकाम रहे थे। वहीं एक अन्य अधिकारी ने आयकर अधिकारी के रूप में असेसमेंट ऑर्डर गलत जारी किये थे। इसलिए उन्हें जबरन रिटायर किया गया है।खास बात यह है कि इन अधिकारियों ने विभागीय कार्रवाई से बचने के लिये अदालत में बड़े-बड़े वकीलों का सहारा लिया था। एक अधिकारी और उसकी पत्नी ने उनके आय से अधिक ज्ञात स्रोतों से 133 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति अर्जित की थी जिसकी वजह से उन्हें सेवानिवृत्त किया गया है। वहीं एक अन्य अधिकारी को सीबीआइ ने 50 लाख रुपये कैश के साथ पकड़ लिया था। पूछताछ करने पर वह इस नकदी का स्रोत नहीं बता पाये। मंत्रालय ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Bhupendra Singh


Source: Dainik Jagran June 10, 2019 16:30 UTC



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