चोटिल या बीमार खिलाड़ी की जगह आए खिलाड़ी को ही कन्कशन सब्स्टिट्यूट कहा जाएगाबल्लेबाज की जगह बल्लेबाज और गेंदबाज की जगह गेंदबाज ही सब्स्टिट्यूट हो सकेंगेऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के घरेलू टूर्नामेंटों में इस नियम का प्रयोग हो चुका हैफिलिप ह्यूज के निधन के बाद 2018 में एमसीसी ने ऐसा नियम लागू किया थाDainik Bhaskar Jul 17, 2019, 04:02 PM ISTखेल डेस्क. अगस्त से इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली एशेज सीरीज से सब्स्टिट्यूट खिलाड़ियों से संबंधित नया नियम लागू हो सकता है। अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होता है तो उसकी जगह दूसरा खिलाड़ी ले सकेगा। वह बल्लेबाजी, गेंदबाजी और विकेटकीपिंग भी कर सकता है। अभी सिर्फ फील्डिंग करने छूट दी जाती है। नया नियम लागू हुआ तो बल्लेबाज के चोटिल होने पर बल्लेबाज और तेज गेंदबाज चोटिल होता है तो उसकी जगह तेज गेंदबाज को शामिल किया जा सकेगा। ऐसे खिलाड़ी को कन्कशन सब्स्टिट्यूट कहा जाएगा।इस नियम को लागू करने के लिए लंदन में चल रही आईसीसी की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में बातचीत की जाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि इसे जल्द लागू कर दिया जाएगा ताकि वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के तहत खेले जाने वाले सभी मैचों में इस नियम का इस्तेमाल किया जा सके।वर्ल्ड कप में चोटिल एलेक्स केरी ने बल्लेबाजी की थीरविवार को समाप्त हुए वर्ल्ड कप के दौरान जोफ्रा आर्चर की गेंद पर पहले दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स केरी चोटिल हो गए थे। अमला चोट के बाद मैदान से बाहर हो गए थे। वे दोबारा बल्लेबाजी के लिए नहीं लौटे। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के केरी ने चेहरे पर पट्टी बांधकर बल्लेबाजी की थी। इस दौरान उनकी चोट से लगातार खून निकलता रहा।ऑस्ट्रेलिया के कप्तान फिंच ने नियम का समर्थन कियाइस साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई श्रीलंका की टीम के दो खिलाड़ी कुसल मेंडिस और दिमुथ करुणारत्ने आपस में टकरा गए थे। तब दिमुथ को अस्पताल ले जाया गया था। उस दौरान भी कन्कशन सब्स्टिट्यूट की चर्चा हुई थी। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान एरॉन फिंच ने इस नियम का समर्थन किया था।इस नियम की चर्चा पहली बार कब हुई? ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर फिलिप ह्यूज के निधन के बाद इस नियम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। ह्यूज को 2014 में शेफील्ड शील्ड टूर्नामेंट के एक मैच में सिर पर बाउंसर लगी थी। इसके बाद ह्यूज को अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका था।नियम से क्या-क्या बदलाव होंगे? अभी अगर कोई बल्लेबाज या गेंदबाज चोटिल होता है तो वह मैदान से बाहर चला जाता है। उसकी जगह दूसरा कोई बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर सकता है। हालांकि, वह फील्डिंग कर सकता है। कन्कशन सब्स्टिट्यूट नियम के लागू होने के बाद मैदान पर आया खिलाड़ी बल्लेबाजी या गेंदबाजी कर सकता है। उदाहरण के तौर पर विराट कोहली अगर चोटिल होते हैं तो 15 सदस्यीय टीम में शामिल कोई विशुद्ध बल्लेबाज उनकी जगह ले सकता है। बुमराह उनका स्थान नहीं ले सकते हैं। अगर बुमराह चोटिल होते हैं तो उनकी जगह कोई तेज गेंदबाज ले सकता है। कोई स्पिनर या बल्लेबाज नहीं।सबसे पहले नियम कहां इस्तेमाल हुआ? क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने सबसे पहले 2016-17 सीजन में कन्कशन सब्स्टिट्यूट के नियम का इस्तेमाल घरेलू वनडे (पुरुष-महिला दोनों), बिग बैश और महिला बिग बैश सीरीज में किया था। आईसीसी से इस नियम को स्वीकृति नहीं मिलने के कारण वह शेफील्ड शील्ड और अन्य प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट में इसका इस्तेमाल नहीं कर सका था। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने पिछले सीजन में काउंटी में इसे लागू किया था।
Source: Dainik Bhaskar July 17, 2019 08:59 UTC