अस्पताल के मुताबिक, 2015 में जबरन वसूली (Extortion) की एक शिकायत में शर्मा का नाम आया था. अस्पताल का आरोप है कि शर्मा हरियाणा की एक अदालत से एफआईआर दर्ज कराने का आदेश हासिल करने में कामयाब रहा. इससे पहले दिल्ली की अदालतों में भी उसने इस तरह की कोशिश की थी. अस्पताल ने कहा कि शर्मा ने अदालत से पूर्व में की गई अपनी कोशिशों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां को छिपाकर एफआईआर का आदेश हासिल किया है. हर दिन दूसरों की सेवा करने के लिए वे खुद की जान को जोखिम में डालते हैं.
Source: NDTV June 10, 2020 03:09 UTC