मेघालय सरकार को निर्देश- अवैध कोयला खनन के लिए 100 करोड़ रु. जुर्माना भरें - Dainik Bhaskar - News Summed Up

मेघालय सरकार को निर्देश- अवैध कोयला खनन के लिए 100 करोड़ रु. जुर्माना भरें - Dainik Bhaskar


नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मेघालय सरकार पर चार जनवरी को जुर्माना लगाया थामेघालय में लगभग 24,000 खदानें, इनमें से ज्यादातर अवैध रूप से चल रहीं- रिपोर्टDainik Bhaskar Jul 03, 2019, 02:25 PM ISTनई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मेघालय सरकार को 100 करोड़ रु. जुर्माना भरने का निर्देश दिया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ अवैध कोयल खनन पर रोक लगाने में विफल रहने के बाद सरकार पर यह जुर्माना लगाया था। जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया कि अवैध कोयले को कोल इंडिया (सीआईएल) को सौंप दे।कोर्ट ने कहा कि कोल इंडिया इसकी नीलामी करेगी और पैसे राज्य सरकार के फंड में जमा कराएगी। साथ ही कहा कि राज्य में अब निजी और सामुदायिक स्वामित्व वाली जमीनों पर खनन संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। एनजीटी ने मेघालय सरकार पर चार जनवरी को जुर्माना लगाया था। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने माना कि उनके राज्य में बड़ी संख्या में अवैध तरीके से कोयला खनन हो रहा है।ज्यादातर खदानों के पास लाइसेंस नहींगुवाहाटी हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बीपी काकोटी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट में कहा गया था कि मेघालय में लगभग 24,000 खदानें हैं। इनमें से ज्यादातर अवैध रूप से चल रही हैं। उनके पास न तो लाइसेंस है और न ही इसके के लिए उन्होंने पर्यावरण की मंजूरी ली थी।पिछले साल अवैध कोयला खदान में 15 खनिक फंसे थेपिछले साल 13 दिसंबर को मेघालय के पूर्वी जैंतिया हिल्स जिले में एक अवैध कोयला खदान में कुल 15 मजदूर फंस गए थे। खदान में पास से बहने वाली लायतिन नदी का पानी घुस गया था। खदान से केवल दो शव ही बरामद किए जा सके। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने खनन मजदूरों के कई अनुरोधों के बावजूद मेघालय में कोयला निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।


Source: Dainik Bhaskar July 03, 2019 08:24 UTC



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