बिहार के बालिका गृहकांड में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दो वरीय अधिकारी जिसमें समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव अतुल प्रसाद और मुजफ्फरपुर के पूर्व ज़िला अधिकारी धर्मेन्द्र प्रसाद के खिलाफ याचिका को सीबीआई के पास सूचनार्थ भेजा गया है. लेकिन मीडिया में इस मामले पर गलत रिपोर्टिंग के कारण शनिवार को पूरा प्रशासनिक और राजनीतिक महकमा इस मामले में चर्चा का केंद्र रहा. पहले कुछ चैनल और तब एक समाचार एजेन्सी द्वारा इस खबर के प्रसारण के बाद कि जांच एजेंसी सीबीआई अब नीतीश कुमार की इस मामले में जांच और पूछताछ कर सकती हैं उसके बाद राजनीतिक दलों ने इस गलत खबर को आधार बनाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बयान भी जारी कर दिए है. नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान, बिहार में 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के सभी लोगों को मिलेगी पेंशनअर्जी के अनुसार, इस मामले में मुजफ्फरपुर के तत्कालीन डीएम धर्मेंद्र सिंह, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अतुल प्रसाद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए थी. बता दें कि कथित डॉक्टर अश्विनी को बालिका गृहकांड का पर्दाफाश होने के बाद पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया गया था.
Source: NDTV February 17, 2019 03:22 UTC