Dainik Bhaskar May 05, 2019, 12:14 PM ISTनासिक से 100 किमी दूर आदिवासियों के म्हैसमाल गांव में पानी का कोई स्रोत नहींबावड़ी में पानी खत्म हाे चुका, बमुश्किल घंटेभर में एक घड़ा पानी निकल पाता हैपुणे. महाराष्ट्र में नासिक से 100 किमी दूर आदिवासियों के म्हैसमाल गांव में पानी का कोई स्रोत नहीं बचा। गांव से एक किमी दूर एक सूखी बावड़ी है। पानी की तलाश में गांववालों ने इस बावड़ी को छह फीट और गहरा कर दिया। इसमें धीरे-धीरे पानी आता है। एक घड़ा भरने में एक घंटा लग जाता है।हालात यह है कि ग्रामीण यहां बारी-बारी पानी भरते हैं। म्हैसमाल गांव में कुल 80 परिवार हैं, 1 दिन में 12 परिवार ही 2-2 घड़े पानी भर पाते हैं। जिसका नंबर आता है, वह 2 बर्तन पानी भरता है। 80 परिवारों के इस गांव में दिन-रात पानी भरने का संघर्ष चलता है। यहां पानी भरने आईं निर्मला का कहना है कि बच्चे मशालें थामते हैं और हम घड़े लेकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं।भीषण सूखे का सामना कर रहा महाराष्ट्रमहाराष्ट्र के 3,262 जलाशयों में सिर्फ 19% पानी बचा है, जो पिछले साल 33% था। मराठवाड़ा की स्थिति सबसे खराब है। यहां सिर्फ 5% पानी बचा है। 19 बांध बिना पानी के हैं। 23 जिलों के 4 हजार गांवों में टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। कई जगह टैंकर 15 दिन में एक बार ही पहुंच पा रहा है।
Source: Dainik Bhaskar May 05, 2019 05:11 UTC