कोलकाता, जेएनएन। Lok Sabha Election-2019 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को लोकतंत्र का करारा तमाचा मारने की बात कहने के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने बुधवार को उन पर फासीवादी सरकार चलाने का आरोप मढ़ दिया। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि वह फासीवादी मोदी को हटाकर रहेंगी।ममता यही नहीं रुकीं, उन्होंने भाजपा के खिलाफ अपनी लड़ाई की तुलना 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से कर दी और कहा कि हमें महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भीमाराव आंबेडकर, राजेंद्र प्रसाद और स्वामी विवेकानंद जैसे नेताओं की जरूरत है। वह (भाजपा) गांधीजी की नहीं, नाथूराम गोडसे की बात करते हैं।तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने बुधवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के डेबरा व पुरुलिया के कोटशीला और हुड़ा में तीन जनसभाएं कीं और भाजपा व पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। ममता ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। साल 1942 में अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ, अब हम सत्ता से फासीवादी मोदी को हटाने के लिए लड़ रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मोदी फिर से जीते तो देश में आजादी नहीं रहेगी। यही वक्त है कि हम मोदी और भाजपा को बाहर का रास्ता दिखाएं। इस लोकतांत्रिक (चुनावी) कवायद के दौरान इस सरकार को खत्म कर दें। उन्होंने दावा किया कि लोग सार्वजनिक तौर पर अपनी राय व्यक्त करने से डर रहे हैं। देश में आपातकाल जैसी स्थिति है। कोई भी खुलकर बोल नहीं सकता, क्योंकि लोग मोदी से डरते हैं। इस तानाशाही और आतंक को रोकना होगा।ममता ने कहा कि मोदी संकट के समय कभी पश्मिच बंगाल नहीं आए। उन्हें बंगाल में बड़ा रसगुल्ला (जीरो सीट) मिलेगा। मोदी ने झूठ बोला था कि वह कभी चायवाले थे। चायवाला अब चौकीदार हो गया है। हमें झूठ बोलने वाला चौकीदार नहीं चाहिए। ममता ने डेबरा में घटाल लोकसभा सीट के प्रत्याशी अभिनेता दीपक कुमार अधिकारी(देव) और पुरुलिया में मृगांक महतो के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित किया।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Krishna Bihari Singh
Source: Dainik Jagran May 08, 2019 15:56 UTC