मगर यह तथ्य चौंकाने वाला है कि संधारण (मेंटेनेंस) के चलते साल-दर-साल निरस्त होने वाली गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. गौड़ ने सूचना के अधिकार के जरिए गाड़ियों के निरस्त किए जाने के बारे में जानकारी मांगी थी. वहीं वर्ष 2018 में निरस्त हुई गाड़ियों की संख्या 2867 हो गई और वर्ष 2019 के नौ माह में यह संख्या 2251 हो गई. RTI के जरिए यह भी पूछा गया था कि मेंटेनेंस के चलते ये ट्रेनें कितने दिनों के लिए निरस्त की गई हैं? रेल मंत्रालय ने अपने जवाब में स्पष्ट किया है कि निरस्त हुई ट्रेनों के मामले में श्रेणीवार गाड़ियों का ब्यौरा नहीं रखा जाता है.
Source: NDTV December 29, 2019 08:15 UTC