विपक्ष एक बार फिर सरकार पर तबादला उद्योग चलाने का आरोप लगाने लगा है, वहीं सरकार का कहना है कि बीजेपी के राज में इससे ज्यादा तबादले होते थे. सरकार का कहना है कि यह सारा काम प्रशासनिक कसावट के लिए हो रहा है, अभी और तबादले होंगे. जब सीबीआई में दस्तावेज जा रहे हैं, तो साबित हो रहा है कि ट्रांसफर के माध्यम से कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं को चुनाव लड़ने के लिए पैसा दिया गया. आरोप है कि सरकार की मंशा पर बोर्ड बैठता है और फैसला लेता है. ऐसे में 165 दिनों में थोक में हुए तबादले निश्चित तौर पर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
Source: NDTV June 03, 2019 12:27 UTC