मार्केट कमेटी रामां के मुख्य यार्ड और इसके अधीन आने वाले उप खरीद केंद्रों पर तकरीबन 60 हजार टन गेहूं की खरीद होने के बावजूद गेहूं की लिफ्टिग का काम बहुत ही धीमी गति से चल रहा है।संवाद सूत्र, रामां मंडी : मार्केट कमेटी रामां के मुख्य यार्ड और इसके अधीन आने वाले उप खरीद केंद्रों पर तकरीबन 60 हजार टन गेहूं की खरीद होने के बावजूद गेहूं की लिफ्टिग का काम बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। इसके चलते मंडियों में गेहूं के अंबार लगे हुए हैं। मंडियों में बारदाने की कमी और सुस्त रफ्तार से गेहूं की लिफ्टिंग न होने के चलते किसानों में केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। मंडी में गेहूं की फसल बेचने आए किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि कानूनों को लागू करने के बाद धीरे-धीरे मंडियों को खत्म करने की कोशिशें कर रही है जिसका सबूत आज मंडियों में देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बारदाने और लिफ्टिंग की समस्या पूरे पंजाब की मंडियों में देखने को मिल रही है परंतु न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार ने इस मसले को हल करने के लिए उचित कदम उठाए। वहीं बारदाने की समस्या को लेकर खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को भी किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा हैं।--------मंडियों में जाकर खरीद प्रबंधों का ले रहे जायजा : सुखप्रीतवहीं खरीद प्रबंधों को लेकर जब मार्केट कमेटी सचिव सुखप्रीत पाल सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि वह खुद मंडियों में जाकर खरीद प्रबंधों का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी बारदाने की समस्या आ रही है वह खुद अपने स्तर पर खरीद एजेंसियों के अधिकारियों से बातचीत कर इस मसले का हल करवा रहे हैं।शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप
Source: Dainik Jagran April 30, 2021 22:18 UTC