मंगलवार टिप्स, ऐसे करेंगे हनुमान की पूजा तो नहीं मिलेगा लाभ पूरा - News Summed Up

मंगलवार टिप्स, ऐसे करेंगे हनुमान की पूजा तो नहीं मिलेगा लाभ पूरा


ऐसे करनी चाहिए पूजाकलयुग में हनुमान जी को ही साक्षात् देवता माना गया है। मान्‍यता है क‍ि कल‍युग के अंत तक वह पृथ्‍वी पर सशरीर मौजूद रहेंगे। उनकी पूजा-अर्चना का भी व‍िशेष महत्‍व है। यूं तो हनुमानजी की पूजा करना अत्‍यंत सरल है। लेकिन उनकी पूजा करते समय कुछ बातों को ध्‍यान में रखना जरूरी है। अन्‍यथा पूजा का पूरा फल नहीं म‍िलता। तो आइए ज्‍योत‍िषाचार्य श‍िवेंद्र आर्या से जानते हैं इन बातों के बारे में…. भूले से भी ऐसे न करें हनुमानजी की पूजाज्‍योत‍िषशास्‍त्र के अनुसार हनुमानजी की पूजा में साफ-सफाई का व‍िशेष महत्‍व है। इसल‍िए कभी भी बिना स्‍नान क‍िये हुए पवनपुत्र की पूजा नहीं करनी चाहिए। इससे जीवन में और घर में नकारात्‍मकता फैलती है। इसके अलावा अगर क‍िसी की शवयात्रा में शामिल हुए हों तो भी ब‍िना शुद्ध जल से स्‍नान क‍िए हुए हनुमानजी की पूजा-अर्चना न करें।कामाख्या मंदिर का अंबुबाची मेला आज से, कोरोना काल में ऐसे हो रहा आयोजनपवनपुत्र की पूजा में इसका रखें व‍िशेष ध्‍यानज्‍योत‍िषशास्‍त्र के अनुसार हनुमानजी की पूजा में पव‍ित्रता का व‍िशेष महत्‍वह है। इसलिए अगर आपने खाना खाया हो या फिर भोजन संबंधी कुछ भी जूठा छुआ हो तो हनुमानजी की प्रतिमा न छुएं। सबसे पहले अपने मुंह और हाथ को अच्‍छे से साफकर लें। इसके बाद ही पूजा-अर्चना करें। इसके आलवा स्त्रियां अगर रजस्‍वला हैं तो उस अवस्‍था में भी हनुमानजी को नहीं छूना चाहिए। अन्‍यथा पूजा का फल नहीं म‍िलता।Jagannath Rath Yatra:जानें पुरी के अलावा और क‍िन-क‍िन जगहों से न‍िकलती है रथयात्रा


Source: Navbharat Times June 22, 2020 12:33 UTC



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