भास्‍कर खास: इस बार 25 फीट का होगा रावण का पुतला, बिना जनता के ही होगा दहन, आतिशबाजी भी नहीं होगी - News Summed Up

भास्‍कर खास: इस बार 25 फीट का होगा रावण का पुतला, बिना जनता के ही होगा दहन, आतिशबाजी भी नहीं होगी


Hindi NewsLocalRajasthanKotaThis Time The Effigy Of Ravana Will Be Of 25 Feet, It Will Be Burnt Without The Public, There Will Be No Fireworksभास्‍कर खास: इस बार 25 फीट का होगा रावण का पुतला, बिना जनता के ही होगा दहन, आतिशबाजी भी नहीं होगीकोटा 11 घंटे पहलेकॉपी लिंकफाइल फोटो।दशहरे पर रावण दहन का लाइव टेलीकास्ट किया जाएगाकाेराेना काल के चलते इस बार भी दशहरा मेला नहीं भरेगा केवल रावण दहन हाेगा, वाे भी परंपराओं के निर्वहन के लिए औपचारिक ही रखा गया है। इस बार रावण के पुतले की हाइट 25 फीट रहेगी, लेकिन आतिशबाजी पर राेक के कारण बिना किसी शाेर शराबे के ही दहन हाे जाएगा। इसके आकर्षक बनाने के लिए पटाखाें की जगह लाइटिंग इफेक्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। दहन के दाैरान आम जनता की एंट्री दशहरा मैदान में नहीं रहेगी।केवल महापाैर, उपमहापाैर व निगम के अधिकारी ही माैजूद रहेंगे। आम जनता काे रावण दहन दिखाने के लिए लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। कोटा का रावण दहन देखने के लिए देश के कोने-कोने से लोग कोटा आते थे। दो साल से कोरोना के कहर ने मेला तो बंद करवा ही दिया, रावण का कद भी 100 फीट से घटाकर 25 फीट कर दिया। वो भी बिना आतिशबाजी के बेनूर सा होगा जो केवल औपरचारिकता पूरी करने वाला होगा। राज्य सरकार ने आतिशबाजी को भी बैन कर दिया है।इसके चलते नगर निगम ने भी बिना पटाखों वाला रावण बनाने का ही टेंडर जारी किया है। मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले भी 10 फीट तक के ही होंगे। विजयश्री रंगमंच पर 20 दिन तक होने वाले उत्सव का माहौल भी नहीं रहेगा। कोरोना काल से पहले कोटा में रावण परिवार के पुतले 101 फीट व 60-60 फीट के हाेते थे, जिनकी लागत 12 लाख रुपए आती थी। इस बार यह कीमत मात्र डेढ़ लाख रुपए रह गई है। रावण का पुतला घास-फूस डालकर ही जलाया जाएगा।भगवान लक्ष्मीनाथ जी की सवारी निकलेगीदक्षिण नगर निगम की आयुक्त कीर्ति राठाैड़ का कहना है कि राज्य सरकार की जिस तरह की गाइडलाइन है, उसी के अनुरूप रावण दहन का कार्यक्रम किया जाएगा। भीड़ जुटाने की परमिशन नहीं है, इसलिए पब्लिक की एंट्री नहीं हाे सकेगी। भगवान लक्ष्मीनाथ जी की सवारी अाएगी। इसके लिए पूर्व राज परिवार काे आमंत्रण भेजा गया है। पिछली बार भी वहां से सवारी के साथ केवल 2 ही सदस्य आए थे, इस बार भी ऐसा ही हाेगा। परंपरा पूरे विधि विधान के साथ निभाई जाएगी, लेकिन बिना जनता के हाेगी।


Source: Dainik Bhaskar October 09, 2021 00:37 UTC



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