मेजर दीक्षा का रास्ता बाधाओं से भरा था। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद उन्हें लेह के तांगत्से में स्थित 303 फील्ड अस्पताल में तैनात किया गया। हालांकि, विशिष्ट पैराशूट रेजिमेंट में शामिल होने की उनकी महत्वाकांक्षा को कई झटके लगे। शारीरिक अक्षमताओं के कारण वह दो बार रिजेक्ट हो गईं लेकिन उनके अटूट हौसले और दृढ़ संकल्प ने उन्हें चयन प्रक्रिया में पुनः प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उनके कमांडिंग ऑफिसर कर्नल शिवेश सिंह ने उन्हें दृढ़ रहने के लिए प्रेरित किया। उनकी लगन रंग लाई जब उन्होंने कठिन चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की। दिसंबर 2022 में स्पेशल फोर्सेज में शामिल हुईं।
Source: Navbharat Times February 18, 2026 08:14 UTC