आकाश विजयवर्गीय का बिना नाम लिए मोदी ने कहा- कोई भी हो, किसी का भी बेटा हो, मनमानी नहीं चलेगीमोदी की यह तल्ख टिप्पणी पहली बार नहीं थी, वे आकाश को विधानसभा का टिकट दिलवाने से भी कैलाश से नाराज थेआकाश ने 26 जून को नगर निगम अफसर के साथ मारपीट की थीDainik Bhaskar Jul 03, 2019, 01:57 PM ISTइंदौर/भोपाल. जेल से छूटने के बाद आकाश काे सम्मानित किए जाने पर भी प्रधानमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्हाेंने कहा, “क्या होगा अगर एक विधायक कम हो जाएगा? वह इकाई भंग कर देनी चाहिए, जो स्वागत सत्कार कर रही है।" माेदी ने कहा कि अगर काेई गलती करता है ताे उसमें खेद का भाव हाेना चाहिए।इंदौर जेल में बंद थे आकाश : अफसर से मारपीट के केस में आकाश को 26 जून को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उन्हें 11 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में इंदौर जेल भेज दिया था। इसके अगले दिन उन्होंने सत्र न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। यहां से केस एससी/एसटी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया। गुरुवार को एससी/एसटी कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद आकाश के वकील ने भोपाल कोर्ट में याचिका दाखिल की।6 दिन में कैलाश ने दिए 5 बयान1 जुलाई : बारिश के दौरान निगम की मकान गिराने की कार्रवाई गलत है। कार्रवाई करना भी हो तो वैकल्पिक व्यवस्था करना चाहिए। निगम ने गलत ढंग से काम किया। आकाश और निगमायुक्त दोनों कच्चे खिलाड़ी हैं।29 जून : न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उसके फैसले का स्वागत करता हूं। इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसकी जिम्मेदारी हम सब की है।28 जून : आकाश को जानने वाले समझते हैं कि वह कभी गुस्सा नहीं करता। परिस्थिति ही ऐसी हुई होगी और बात महिला के सम्मान की थी, इसलिए घटना हो गई। लेकिन जिस तरह की बयानबाजी कांग्रेस और मुख्यमंत्री कर रहे हैं, वह चौंकाने वाला है। इस सरकार का हर बात में दोहरा रवैया दिख रहा है।26 जून : आकाश कभी उत्तेजित नहीं होता। निश्चित तौर पर ऐसी परिस्थिति निर्मित हुई होगी, जिससे ये घटना हुई।26 जून : एक टीवी चैनल एंकर पर भड़के। उन्होंने कहा- तुम्हारी हैसियत क्या है? तुम न्यायालय बन गए हो क्या? न्याय करोगे क्या?
Source: Dainik Bhaskar July 03, 2019 04:57 UTC