बेटों ने पिता को बनाया आरोपी: सड़क हादसे में मां की हो गई थी मौत, बच्चों ने पिता पर ही कर दिया केस, मिला 17 लाख का क्लेम - News Summed Up

बेटों ने पिता को बनाया आरोपी: सड़क हादसे में मां की हो गई थी मौत, बच्चों ने पिता पर ही कर दिया केस, मिला 17 लाख का क्लेम


Hindi NewsLocalChandigarhMother Had Died In A Road Accident, Children Filed A Case Against The Father, Got A Claim Of 17 Lakhsबेटों ने पिता को बनाया आरोपी: सड़क हादसे में मां की हो गई थी मौत, बच्चों ने पिता पर ही कर दिया केस, मिला 17 लाख का क्लेमचंडीगढ़ एक दिन पहले लेखक: रवि अटवालकॉपी लिंकयाचिका में कहा था कि पिता की लापरवाही से उनकी मां की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। -फाइल फाेटोचंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दो बेटों ने अपने ही पिता के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का केस दायर किया था। याचिका में कहा कि पिता की लापरवाही से उनकी मां की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अब इस केस में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने बेटों को 17 लाख 16 हजार रुपए क्लेम दिए जाने का फैसला सुनाया है।क्लेम की यह रकम इंश्योरेंस कंपनी को चुकानी होगी। पीड़ित परिवार शिमला की तहसील चौपाल का रहने वाला है, लेकिन उन्होंने चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में केस फाइल किया था। नियमों के हिसाब से इंश्योरेंस कंपनी का जिस शहर में ऑफिस है, वहां भी केस फाइल किया जा सकता है, बेशक घटना कहीं भी हुई हो।46 साल की महिला की हुई थी मौतशिमला की तहसील चौपाल की रहने वाली 46 साल की दीक्षा की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। 8 फरवरी 2020 को दीक्षा अपने पति ज्ञानचंद के साथ गाड़ी में जा रही थीं। बेटों ने काेर्ट में दी याचिका में आरोप लगाया कि पिता गाड़ी तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहे थे। तेज रफ्तार होने की वजह से वे गाड़ी को कंट्रोल नहीं कर सके और गाड़ी खाई में जा गिरी।हादसे में मां और पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें चौपाल के सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन मां की हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। हादसे में चौपाल थाना पुलिस ने पिता ज्ञानचंद के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 337, 304ए के तहत केस दर्ज किया था। इसके बाद दीक्षा के बेटों ने अपने पिता के खिलाफ चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में क्लेम पिटीशन फाइल कर दी।कोर्ट ने गृहणी की इनकम 11 हजार रुपए महीना मानीयाचिकाकर्ता के वकील नवदीप अरोड़ा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की 3 साल पुरानी एक जजमेंट कोर्ट में पेश की। इस जजमेंट में एक गृहणी की महीने की इनकम 11 हजार रुपए मानी गई थी। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि दीक्षा हाउस वाइफ थी और उस पर घर की जिम्मेदारी थी, इसलिए उसकी अनुमानित आय 11 हजार होनी चाहिए। कोर्ट ने हाईकोर्ट की इस जजमेंट को आधार मानते हुए 17.46 लाख रुपए क्लेम का फैसला सुनाया।कंपनी ने कहा-क्लेम बनता ही नहींइंश्योरेंस कंपनी ने इस याचिका का विरोध करते हुए कहा कि हादसे के समय ज्ञानचंद के पास वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था और इस हादसे में उसकी गलती है या नहीं, ये साबित नहीं हो रहा। इसलिए टर्म्स एंड कंडीशंस के मुताबिक इस केस में क्लेम नहीं बनता। लेकिन कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद शिकायतकर्ता हक में फैसला सुनाया।


Source: Dainik Bhaskar November 11, 2021 00:01 UTC



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