आगामी बजट में सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था को सार्थक राजकोषीय प्रोत्साहन प्रदान करने की संभावना कम है क्योंकि देश की राजकोषीय स्थिति कमजोर है. कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में राजस्व प्राप्त में भारी कमी के चलते पैदा हुई राजकोषीय चुनौतियों के कारण करों में कटौती की संभावना कम है, जिस पर निवेशकों की निगाहें होंगी. ब्रोकरेज हाउस ने कहा कि सरकार को कारोबारी सुगमता (इज ऑफ डूइंग बिजनेस) में सुधार और कारोबार में सरकार की भूमिका कम करके भारत की निवेश दर को बढ़ाने के लिए बजट में दुष्कर सुधारों को लागू करना होगा. कोटक सिक्योरिटीज ने रिपोर्ट में कहा, "विश्वसनीय बजट पेश करने के मकसद से सरकार को वित्त वर्ष 2020 के अंतरिम बजट के कर राजस्व अनुमानों को दोबारा देखने की आवश्यकता होगी. हमारा अनुमान है कि सरकार वित्त वर्ष 2019 के वास्तविक कर संग्रह के आधार पर वित्त वर्ष 2020 के लिए कर राजस्व का लक्ष्य तय करेगी."
Source: NDTV July 03, 2019 12:22 UTC