फैनी / ओडिशा में बिजली-टेलीफोन सेवाओं को नुकसान, वायुसेना ने राहत अभियान के लिए 3 हरक्यूलिस विमान भेजे - News Summed Up

फैनी / ओडिशा में बिजली-टेलीफोन सेवाओं को नुकसान, वायुसेना ने राहत अभियान के लिए 3 हरक्यूलिस विमान भेजे


Dainik Bhaskar May 04, 2019, 10:01 PM ISTमोदी 6 मई को ओडिशा जाएंगे, मुख्यमंत्री और राज्यपाल से हालात पर चर्चा करेंगेभुवनेश्वर, कोलकाता एयरपोर्ट पर उड़ानें शुरू; फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए अतिरिक्त उड़ानेंओडिशा के अलावा बांग्लादेश और आंध्र में फैनी से नुकसान, तूफान बांग्लादेश की तरफ बढ़ानई दिल्ली/भुवनेश्वर. ओडिशा सरकार ने शनिवार को बताया कि फैनी तूफान के चलते बिजली और टेलीफोन सेवाओं को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। हालांकि, राज्य में हवाई और रेल संपर्क बहाल हो गया है। राज्य में नीट की परीक्षा टालनी पड़ी। राहत अभियान के लिए वायुसेना ने 3 हरक्यूलिस विमान भेजे हैं। तूफान से आंध्र में फसलों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है। प. बंगाल में भी इमारतों और सड़कों के नुकसान हुआ। अब यह तूफान बांग्लादेश की तरफ बढ़ रहा है, जहां से इसके कमजोर पड़ने की संभावना है।केंद्रीय कैबिनेट सचिव पीके कृष्ण ने भी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) के साथ एक बैठक की। इसमें फैनी को बेहद खतरनाक तूफान बताया गया। कृष्णा ने कहा कि यह तूफान ओडिशा, आंध्र और बंगाल से होकर गुजरा। यहां पर राहत और बचाव अभियानों की समीक्षा की जा रही है। हालात का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 मई को ओडिशा का दौरा करेंगे।पहले से बचाव की तैयारी से जान-माल का नुकसान कमकैबिनेट सचिव को ओडिशा सरकार ने बताया कि पुरी, भुवनेश्वर और राज्य के अन्य इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। लाखों पेड़ उखड़ गए, इसकी वजह से सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि, पहले से की गई तैयारी और बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने की वजह से बेहद कम लोगों को जान गंवानी पड़ी है। बंगाल में हल्का-फुल्का नुकसान हुआ। उधर, आंध्र में भारी बारिश हुई। इसके चलते श्रीकाकुलम जिले में फसलों और सड़कों को नुकसान पहुंचा।ओडिशा: 2 हजार आपात कर्मियों के अलावा एनडीआरएफ-नेवी-आरपीएफ राहत कार्यों जुटेओडिशा में राहत और बचाव कार्य में 2000 आपात कर्मचारियों को लगाया गया है। इनके अलावा एनडीआरएफ, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स, नेवी के अलावा राज्य के एक लाख अधिकारी इस अभियान में जुटे हुए हैं।10 हजार गावों और 52 कस्बों से तूफान से 24 घंटे पहले 12 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। मौजूदा समय में आपदा के वक्त यह देश में चलाया गया सबसे बड़ा बचाव अभियान है।मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बताया कि अपने घरों से हटाए गए लोगों को 4 हजार शेल्टरों में रखा गया। इनमें से 800 शेल्टर विशेष तौर पर तूफान को ध्यान में रखते हुए बनाए गए थे।ओडिशा में कुछ हिस्सों में सिंगल डीजल इंजन वाली ट्रेन सुविधा शुरू कर दी गई। शनिवार दोपहर से ही भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाएं दोबारा शुरू कर दी गईं।कैबिनेट सचिव ने ऊर्जा और संचार मंत्रालयों को निर्देश दिए हैं कि ओडिशा सरकार की तत्काल मदद की जाए। बिजली सेवा तुरंत शुरू करने के लिए बिजली के पोल, डीजल जेनेरेटर और वर्कर मुहैया कराए जाएं। शनिवार को ही भुवनेश्वर को बिजली सप्लाई करने वाली ट्रांसमिशन लाइन के शुरू होने की संभावना है।बयान के मुताबिक, संचार विभाग ने बताया िक जल्द ही कुछ हिस्सों में संचार सेवाएं जल्द शुरू हो जाएंगी। तटीय इलाकों और रिफाइनरी में कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।एनडीआरएफ की 16 अतिरिक्त टीमें भेजी गई हैं। पूर्वी नेवी कमांड ने एरियल सर्वे के बाद कहा कि पुरी और इसके आसपास के इलाके में पुनर्वास पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।नेवी के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री, स्वास्थ्य सेवाएं, कपड़े, पुनर्वास सामग्री पहुंचाने और पेड़ों को हटाने पर जोर दिया जा रहा है। ओडिशा में तैनात आईएनएनस चिल्का में टॉर्च और बैट्रियां भी भेजी जा रही हैं। नेवल ऑफिसर इनचार्ज इन सामग्रियों को वितरण का काम देख रहे हैं। सार्वजनिक रसोइयों की स्थापना पर भी विचार किया रहा है।नेवी का पूर्वी बेड़ा भी राहत और बचाव कार्यों में लगा है। यहां नेवी के जहाज रणविजय, ऐरावत और कदमत राहत अभियानों के लिए तैनात किए गए हैं। इनके अलावा तीन हेलिकॉप्टरों के जरिए भी नजर रखी जा रही है।बंगाल में 42 हजार लोगों को घर लौटने को कहा गयाबंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पुनर्वास काम तेजी से चल रहा है। शनिवार को दोपहर करीब 12.30 बजे फैनी बंगाल में दाखिल हुआ। इस दौरान 90 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। उन्होंने बताया कि बिजली के पेड़ गिर गए और सब-स्टेशन को भी नुकसान पहुंचा। कुछ घरों में भी नुकसान हुआ और पेड़ उखड़ गए। अगले दो दिनों में राहत और पुनर्वास कार्य पूरा कर लिया जाएगा। 42 हजार लोगों ने अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों प चले गए थे, उन्हें वापस लौटने को कहा गया है।उन्होंने कहा कि तूफान अब बांग्लादेश की ओर बढ़ गया है। लेकिन, शनिवार रात तक फैनी के असर को नजरंदाज नहीं किया जा सकता। मैं पिछले एक हफ्ते से इस तूफान को लेकर परेशान थी। हमने सभी ऐहतियाती कदम उठाए थे।


Source: Dainik Bhaskar May 04, 2019 13:35 UTC



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