फैक्ट चेक / फिर से वायरल हुआ वीआईपी के लिए एंबुलेंस रोके जाने का वीडियो, सचिन पायलट के कारण नहीं हुई बच्ची की मौत - News Summed Up

फैक्ट चेक / फिर से वायरल हुआ वीआईपी के लिए एंबुलेंस रोके जाने का वीडियो, सचिन पायलट के कारण नहीं हुई बच्ची की मौत


क्या वायरल: राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट के लिए पुलिस ने पीड़ित बच्ची को ले जा रही एंबुलेंस को रोकाक्या सच: अंग्रेजी वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक मलेशिया प्रमुख के आगमन के लिए रोका गया था रास्ताDainik Bhaskar Jan 25, 2020, 12:43 PM ISTफैक्ट चेक डेस्क. वीआईपी के लिए एंबुलेंस रोके जाने का मामला एक बार फिर सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर दावा किया जा रहा है कि राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के लिए पुलिस ने एंबुलेंस रोक दी। एंबुलेंस में एक बच्ची को ले जाया जा रहा था, लेकिन देर तक रोके जाने के चलते उसकी मौत हो गई। दैनिक भास्कर के एक पाठक ने इस वायरल वीडियो और मैसेज की सच्चाई पता करने के लिए भेजा। जब मामले की पड़ताल की गई तो खबर झूठी निकली।वायरल वीडियो में यह साफ दिख रहा है कि किसी वीआईपी के लिए रास्ते पर बैरिकेडिंग की गई है। एंबुलेंस का ड्राईवर और जनता पुलिस से बैरिकेड्स हटाने की मांग कर रही है, लेकिन पुलिस गाड़ी को जाने नहीं दे रही। व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे मैसेज में दावा किया जा रहा है कि यह व्यवस्था पुलिस ने राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट के लिए की गई है।मैसेज के मुताबिक 'राजस्थान उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के लिए राजस्थान पुलिस ने एम्बुलेंस रोकीएम्बुलेंस में जिन्दगी और मौत से लड़ रही बच्ची थी और अंत में बच्ची ने दम तोड़ दियाआज आपने शेयर नही किया तो आपके साथ भी ये हो सकता है आज से whatsapp चलाना छोड़ दो या फिर ये वीडियो पूरी दुनिया मे भेज दो और आगे आपकी मर्जी है।'क्या है सच्चाईवायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि राजस्थान पुलिस ने यह व्यवस्था सचिन पायलट के लिए की है। जबकि वीडियो को ध्यान से देखा जाए तो बैरिकेड्स पर दिल्ली पुलिस लिखा हुआ है और एंबुलेंस हरियाणा की है। इससे साफ होता है कि यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस ने की है। वहीं 5 अप्रैल 2017 को अंग्रेजी वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार यह रोक दिल्ली पुलिस ने मलेशियन प्रमुख के आने के कारण रोड ब्लॉक किया था। वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार यह मामला दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी स्टेडियम के गेट नंबर 14 के पास का है।मनोज तिवारी के नाम से भी हुआ था वायरलनॉर्थ ईस्ट दिल्ली से एमपी मनोज तिवारी के नाम से भी यह मैसेज कुछ समय पहले वायरल हुआ था। दावा किया जा रहा था भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोज के लिए एंबुलेंस को रोका गया। हालांकि तिवारी ने खुद ट्वीट कर मामले पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि, कोई भी ट्रेफिक दिल्ली में या कहीं भी किसी भी एमपी के लिए नहीं रोका जाता, यह वीडियो एक अंतरराष्ट्रीय सदस्य के आगमन के समय का है। वहीं उन्होंने दिल्ली पुलिस से वीडियो अपलोडर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। दैनिक भास्कर इससे पहले भी अपनी रिपोर्ट में मामले की पड़ताल कर वीडियो का सच बता चुका है।


Source: Dainik Bhaskar January 25, 2020 07:30 UTC



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