कंप्यूटर या मोबाइल है वजह अब चाहे वह किसी भी उम्र या वर्ग का स्त्री-पुरुष हो, मोबाइल फोन हर किसी के हाथ में देखने को मिल जाएगा। वहीं, पढ़ाई या नौकरी से जुड़े लोगों का कंप्यूटर या लैपटॉप जैसे गैजेट्स से जुड़ाव काफी होता ही है। ऐसे में थोड़ा-सा फ्री वक्त मिलने पर वह पॉर्न साइट पर विजिट करने लगते हैं। कई बार किसी फोटो, वीडियो या किसी विज्ञापन के प्रभाव में उनका ध्यान उस ओर चला जाता है। इसलिए लैपटॉप या मोबाइल का उपयोग टाइम पास के लिए नहीं करें। जब जरूरी काम हो तभी गैजेट्स का इस्तेमाल करें।शराब, सिगरेट आदि लतों से बचें पॉर्न की लत के लिए शराब, सिगरेट, ड्रग्स आदि भी काफी जिम्मेदार हैं। तमाम ऐसे व्यसनकारी लोग नशे में डूबकर अश्लीलता से जुड़ी गतिविधियों में लिप्त होने लगते हैं। इसलिए इन सब व्यसनों से दूरी बनाकर रखें।योगाभ्यास पहुंचा सकता है फायदा अश्लील फिल्में देखने की लत को छुड़ाने के लिए योग का सहारा लें। खासकर प्राणायाम (अनुलोम-विलोम और भ्रामरी) करें। साथ ही एक उचित समय तक मेडिटेशन करना न भूलें। इस दौरान अपने आहार पर ध्यान रखें। भोजन में सात्विक चीजों को ही शामिल करें और राजसिक व तामसिक खाद्य पदार्थों से दूर रहें।
Source: Navbharat Times December 31, 2020 13:36 UTC