रिलिजन डेस्क। धर्म ग्रंथों के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में जिस दिन पूर्वजों की श्राद्ध तिथि आए, उस दिन पितरों की संतुष्टि के लिए श्राद्ध विधि-विधान से करना चाहिए। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, अगर आप किसी कारणवश शास्त्रोक्त विधानों से श्राद्ध न कर पाएं तो इसकी आसान विधि भी है, जो इस प्रकार है...ये है श्राद्ध की आसान विधि- श्राद्ध पक्ष में जिस दिन पितरों की मृत्यु तिथि आए, उस दिन सुबह उठकर स्नान कर देव स्थान व पितृ स्थान को गाय के गोबर से लीपें और गंगाजल से पवित्र करें। घर के आंगन में रांगोली बनाएं।- महिलाएं शुद्ध होकर पितरों के लिए भोजन बनाएं। ब्राह्मण को न्योता देकर बुलाएं व पितरों की पूजा एवं तर्पण आदि करवाएं।- पितरों के निमित्त अग्नि में खीर अर्पित करें। गाय, कुत्ता, कौआ व अतिथि के लिए भोजन से चार ग्रास अलग से निकालें।- ब्राह्मण को आदरपूर्वक भोजन कराएं। वस्त्र, दक्षिणा दान करें। ब्राह्मण गृहस्थ एवं पितर के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त करें।- इस आसान विधि से श्राद्ध करने पर पितृ देवता प्रसन्न होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं।
Source: Dainik Bhaskar September 26, 2018 09:22 UTC