अहमदाबाद, जेएनएन। पोरबंदर बोट एसोसिएशन ने दावा किया कि पाकिस्तानी समुद्री सुरक्षा एजेंसी (Pakistan Marine Security Agency) ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा के नजदीक छह नावों के साथ 30 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले श्रीलंकाई नौसेना ने पिछले महीने नेदुनथेवू के द्वीप के पास 11 भारतीय मछुआरों को पकड़ लिया था।गौरतलब है कि मछली मारने के दौरान अक्सर भारत और पाकिस्तान के मछुआरे एक दूसरे की सीमा में गलती से प्रवेश कर जाते हैं। इन मछुआरों को पड़ोसी देशों के तटरक्षक बल नावों समेत गिरफ्तार कर लेते हैं। बताया जाता है कि गुजरात की करीब एक हजार नावें पाकिस्तान के कब्जे में हैं, जिन्हें छुड़ाने की पिछले दस वर्षों से कोशिशें हो रही हैं। इनमें से आधी से अधिक नावें अब जर्जरा वस्था में हैं जो वापस नहीं लाई जा सकती हैं।नेशनल फिशवर्कर फोरम के सचिव मनीष लोधारी ने बताया कि अमूमन मछुआरे सुबह आठ बजे से मछली मारने का काम करते हैं। सुबह सोने के वक्त पाक मरीन एजेंसी ने बिना कोई चेतावनी दिए इन्हें घेरकर हिरासत में ले लिया। लोधारी के मुताबिक, नावें जब्त हो जाने के कारण मछुआरों को बीस से तीस लाख रुपये तक का आर्थिक नुकसान उठाना पडता है।बता दें कि पुलवामा में आतंकी हमले के बाद बनी तनाव की स्थितियों के बीच पाकिस्तान ने पिछले महीने 100 भारतीय मछुआरों को अपनी जेलों से रिहा किया था। ये मछुआरे समुद्र में मछली मारते हुए पाकिस्तानी जलसीमा में पहुंच गए थे, वहां उन्हें पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया था। पाकिस्तान ने चार चरणों में भारत के 360 कैदियों को रिहा करने की घोषणा की है।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Krishna Bihari Singh
Source: Dainik Jagran May 06, 2019 11:33 UTC