इसके बाद अब राजनीतिक अटकलें इस बात को लेकर शुरू हो गई हैं कि प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) को वह पार्टी से बाहर का रास्ता कब दिखाएंगे? लेकिन उस घड़ी और उसके सही समय को लेकर उत्सुक नेताओं का कहना है कि वह समय नीतीश कुमार के अनुरूप होगा. JDU नेता पवन वर्मा ने CAA-NRC पर मांगी थी नीतीश कुमार से सफाई, तो बिहार CM बोले- जिसको जहां जाना है, जाएंसवाल है कि नीतीश कुमार पवन वर्मा और प्रशांत किशोर सरीखे बिना जनाधार वाले नेताओं से पीछा क्यों छुड़ाना चाहते हैं? लेकिन नीतीश को फिलहाल भाजपा का साथ पसंद है, क्योंकि वह राजद के साथ सरकार चलाने के दौरान कटु अनुभव को आज तक नहीं भूले हैं. उन्हें मालूम है कि भाजपा के नए नागरिक कानून और एनपीआर के बाद मुस्लिम समाज उनसे नाराज़ है और शायद विधानसभा में वोट मिलना मुश्किल हैं.
Source: NDTV January 23, 2020 16:30 UTC