दास थे पहले कार्यकारीदिल्ली के म्यूनिसिपल कमिश्नर बी. दास को कार्यकारी के रूप में सिक्किम सरकार की जिम्मेदारी लेने के लिए दिल्ली से सिक्किम भेजा गया। 8 अप्रैल 1975 को बी. दास सिलीगुड़ी से हेलीकॉप्टर द्वारा गंगटोक पहुंचे। वहां चोग्याल के विरोधी काजी लेंडुप दोर्जी व भारतीय शासन-प्रशासन, पुलिस व सेना अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। जुलूस निकाल कर दास को उनके निवास स्थान ले जाया गया।दास पर भड़के राजा चोग्यालबी. दास 10 अप्रैल को जा कर राजा चोग्याल से मिले व बैठक की जो बड़ी कड़वी रही। राजा चोग्याल भड़क गए। उन्हें चेतावनी दी कि सिक्किम को गोवा समझने की भूल न कीजिएगा। राजा चोग्याल की चाहत थी कि सिक्किम को भूटान जैसा स्वतंत्र, प्रभुसत्ता संपन्न देश का दर्जा दिया जाए। उन्होंने बी. दास इसके पहले मुख्य कार्यकारी हुए। काजी लेंडुप दोर्जी सिक्किम के पहले मुख्यमंत्री बने। 16 मई 1975 से 18 अगस्त 1979 तक वही मुख्यमंत्री रहे। इधर, 1994 से लगातार पवन कुमार चामलिंग सिक्किम के मुख्यमंत्री हैं। देश में लगातार सबसे लंबे समय तक बने रहने वाले मुख्यमंत्री का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है। सिक्किम देश देश का दूसरा सबसे छोटा व सबसे कम आबादी वाला राज्य है। यदि इंदिरा गांधी सिक्किम का भारत में विलय नहीं करातीं तो शायद आज यह विदेश होता।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Preeti jha
Source: Dainik Jagran May 16, 2019 07:58 UTC