पांच साल पूर्व पटना के एसकेपुरी थाना इलाके से चोरी की बुलेट बाइक दुमका से बरामद होने की सूचना मिलने के बाद एसकेपुरी थाना के एएसआइ प्रमोद कुमार सिंह और गाड़ी मालिक दिवाकर कुमार शनिवार को मुफस्सिल थाना पहुंचे। जहां गाड़ी मालिक ने गाड़ी की पहचान की और थाना प्रभारी नवल किशोर सिंह को गाड़ी चोरी की पूरी जानकारी दी।जागरण संवाददाता, दुमका : पांच साल पूर्व पटना के एसकेपुरी थाना इलाके से चोरी की बुलेट बाइक दुमका से बरामद होने की सूचना मिलने के बाद एसकेपुरी थाना के एएसआइ प्रमोद कुमार सिंह और गाड़ी मालिक दिवाकर कुमार शनिवार को मुफस्सिल थाना पहुंचे। जहां गाड़ी मालिक ने गाड़ी की पहचान की और थाना प्रभारी नवल किशोर सिंह को गाड़ी चोरी की पूरी जानकारी दी। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाइक को पटना पुलिस को सुपुर्द कर दिया। इसके बाद गाड़ी मालिक और एएसआइ दोनों गाड़ी लेकर पटना के लिए निकल गए। वहीं फरार एएसआइ अखलाक खान की गिरफ्तारी के लिए दोनों थाना की पुलिस संयुक्त रूप से आगे की कार्रवाई करेगी।प्रमोद कुमार सिंह ने मुफस्सिल थाना प्रभारी नवल किशोर सिंह को बताया कि पांच साल पहले उनके थाने के समीप ही रहने वाले दिवाकर की बाइक चोरी हो गई थी। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। बाइक बरामद नहीं होने पर केस को बंद कर दिया गया। उन्होंने थाना प्रभारी से कहा कि अब बाइक बरामद हो चुकी है और बाइक खरीदने वाले का भी पता चल चुका है। श्रीकृष्णा पुरी थाना की पुलिस फिर से केस को खोलेगी और उसमें जमादार से चोरी हुई बाइक की बरामदगी का उल्लेख किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट से जमादार की गिरफ्तारी के लिए आदेश मांगा जाएगा। कोर्ट से वारंट निर्गत होते ही जमादार की गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं मुफस्सिल थाना प्रभारी ने एएसआइ की गिरफ्तारी में हर संभव मदद करने का आश्वासन पटना पुलिस को दिया।एक ही नंबर की चल रही दो बुलेटगाड़ी मालिक दिवाकर कुमार ने थाना प्रभारी को बताया कि जमादार गाड़ी का असली नंबर प्लेट निकालकर उसकी जगह पर फर्जी प्लेट का इस्तेमाल कर रहा था। बरामद गाड़ी पर जो नंबर अंकित है उस नंबर से पटना में भी एक बाइक वकार खान के नाम से अंकित है। जिस समय बाइक चोरी हुई थी, उस समय केवल 500 किलोमीटर चली थी, अब 20 हजार किलोमीटर चल चुकी है। इससे प्रतीत होता है कि जमादार लंबे समय से गाड़ी का उपयोग कर रहा था।वर्जनजमादार के खिलाफ अब विभागीय कार्रवाई चलेगी। अगर वह यह साबित नहीं कर पाया कि बाइक चोरी में उसकी संलिप्तता नहीं है तो उसे जेल भी जाना पड़ सकता है। सारी कार्रवाई पटना पुलिस के निर्देश पर ही होगी।विजय कुमार, डीएसपी, दुमका वर्जनबाइक को पटना पुलिस को सौंप दिया गया है। जांच में हर संभव सहयोग किया जाएगा। अभी तक फरार जमादार के बारे में कुछ पता नहीं चला है।नवल किशोर सिंह, मुफस्सिल थाना प्रभारीडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस
Source: Dainik Jagran December 26, 2020 13:41 UTC